बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र के जागरूक लोगों ने टनकपुर से हल्द्वानी और देहरादून तक की दूरी कम करने के लिए कंडी मार्ग को मुख्य मार्ग बनाने की मांग की है। वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने टनकपुर-हल्द्वानी के लिए कंडी मार्ग का प्रस्ताव रखा था लेकिन इस ओर कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा सका है।
दिवंगत पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने टनकपुर से देहरादून के लिए कंडी मार्ग का प्रस्ताव पारित किया था जिस पर आगे कोई कार्य नहीं हो पाया। टनकपुर, चोरगलिया, हल्द्वानी, कालाढूंगी, रामनगर होते हुए देहरादून तक सड़क बनने से टनकपुर-देहरादून के बीच की दूरी कहीं कम होगी।
टनकपुर के उद्योगपति और भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता रोहिताश अग्रवाल टनकपुर-हल्द्वानी के बीच कंडी मार्ग को प्रमुख मार्ग बनाने के हिमायती हैं। उनका मानना है कि इस मार्ग के बनने से कारोबारियों के अलावा आमजन को लाभ पहुंचेगा। बनबसा निवासी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष बहादुर सिंह पाटनी का कहना है कि टनकपुर से देहरादून के लिए कंडी मार्ग निर्माण से दूरी काफी कम होगी। बताया कि काफी पहले टनकपुर से हल्द्वानी और रामनगर के लिए केएमओ की बसों का प्रमुखता से संचालन भी होता था। उन्होंने टनकपुर से देहरादून तक के लिए कंडी मार्ग को प्रमुख मार्ग बनाने की मांग की है इससे टनकपुर-देहरादून के बीच आवागमन सुगम होगा।