लोहाघाट-घाट एनएच में बंद मार्ग को खोलती जेसीबी।
- फोटो : LOHAGHAT
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतोली का मलबा सबसे तगड़ी चुनौती बन रहा है। तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार शाम से बंद सड़क के इस हिस्से को शुक्रवार देर शाम तक साफ नहीं किया जा सका। पहाड़ी से बार-बार मलबा आने से अड़चनें बनी र्हुइं हैं। इसके चलते शुक्रवार को भी टनकपुर से पिथौरागढ़ तक का पूरा मार्ग नहीं खोला जा सका। शुक्रवार को डीएम विनीत तोमर और एडीएम टीएस मर्तोलिया ने मौके पर जाकर काम का जायजा लिया और काम कर रही टीम का हौसला बढ़ाया। साथ ही आपदा से प्रभावित लोगों को पूरा सहयोग का भरोसा दिलाया।
शुक्रवार से बंद राष्ट्रीय राजमार्ग तमाम प्रयासों के बावजूद सातवें दिन भी नहीं खुला। शाम को कुछ देर के लिए धौन में भी मलबा आया, जिसे एक घंटे में हटा लिया गया। लेकिन टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग के बीच भारतोली के पास 70 मीटर मलबा साफ नहीं हो सका। इस जगह पर पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से न केवल आवाजाही बंद है, बल्कि खतरा भी बना हुआ है। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि सड़क खोलने के लिए पांच मशीनें लगाई गई हैं। लगातार मलबा आने से काम में दिक्कत आ रही है। पहाड़ी से मलबा आना बंद होते ही सड़क खुल जाएगी। चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की सात (चंपावत-मंच-तामली, धौन-दियूरी, असलाड़-पाशम, चौड़ाकोट आंतरिक मार्ग, पटनगांव-कजीना पुनौली, स्याला-पोथ, डूंगराबोरा-कायल) सड़कें भी बंद हैं। इन सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंचायतघर में रह रहे हैं खतरे की जद में आए लोग
लोहाघाट (चंपावत)। भारतोली के पास भूस्खलन से खतरे की जद में आए आठ परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित जगहों पर भेज दिया है। नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि खतरे की जद में आए आठ (राम सिंह, पुष्कर सिंह, कल्याण सिंह, किशन सिंह, भवान सिंह, नारायण सिंह, बलवंत सिंह और पुष्पा देवी) परिवारों को पंचायतघर और प्राथमिक स्कूल में रहने की व्यवस्था की। एनटी ने बताया कि हर आपदा प्रभावित परिवार को चार हजार रुपये दो माह के लिए किराये के रूप में देने का प्रस्ताव भेजा गया है।