पिथौरागढ़-टनकपुर नेशनल हाईवे (एनएच) पर डेंजर जोन स्वाला में गिरते बोल्डर और मलबे से खतरा बरकरार है। डेंजर जोन के 50 मीटर क्षेत्र में आवाजाही खतरों से खाली नहीं है। पैदल आने जाने वाले लोगों को भाग कर जान बचानी पड़ रही है।
पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच पर डेंजर जोन स्वाला को लेकर पड़ताल की गई। करीब 11 बजे मौके पर संवाद की टीम पहुंची। डेंजर जोन वाले हिस्से में लगातार पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर लगातार नीचे गिर रहे थे। एनएच की तीन मशीनें मलबा तो हटा रही थी, लेकिन उन्हें भी कई बार बड़े-बड़े बोल्डरों पहाड़ी से नीचे गिरने के कारण पीछे हटना पड़ रहा था।
पहाड़ी के हिस्से में हल्की कंपन से मलबा और बोल्डर गिरने में देरी नहीं हो रही थी। एनएच के कर्मियों ने दो बार आवाजाही के लिए रैंप तो बनाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तीसरी बार जाकर रैंप बनाया। सुबह पांच बजे से दोपहर 12:30 बजे तक टीम ने रैंप बनाया। इस दौरान जरूरी कामों के लिए जा रहे लोगों को सकुशल आवाजाही तो कराई, लेकिन बार-बार मलबा और बोल्डर गिरने से उन्हें भी भागना पड़ा।
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लगातार बोल्डर गिरने के चलते कई बार काम रोकना भी पड़ा। एनएच कर्मियो की भी कई बार जान पर बन आई। करीब साढ़े छह घंटे से अधिक समय से एनएच पर आवाजाही बंद रखने के बाद हल्के वाहनों को टनकपुर और चंपावत के लिए रवाना किया गया।
पहाड़ी के एक हिस्से से आ रहा पानी
चंपावत में डेंजर जोन में पहाड़ी के एक हिस्से से पानी लगातार बह रहा है। पानी सड़क पर जमा होने से कीचड़ हो रहा है। ऐसे में वाहनों के फंसने की संभावना भी लगातार बनी हुई है। मशीन चला रहे चालकों का कहना है कि कई बार पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के कारण उनकी जान पर बन आई। ऐसे में काम करने में उन्हें काफी डर भी लग रहा है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। कोतवाल पीएस नेगी और यातायात प्रभारी हयात सिंह अधिकारी मौके पर फोर्स के साथ तैनात रहे।