बनबसा के शारदा बैराज स्थित कोरोना जांच चौकी पर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते नेपाली नागरिक।
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बनबसा (चंपावत)। शारदा बैराज स्थित कोरोना जांच चौकी से स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण संबंधी प्रमाण न होने पर 15 लोगों को नेपाल वापस लौटाया। नेपाल से भारत आने वालों को 15 दिन पुराना कोविड 19 टीकाकरण का प्रमाण दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
अति आवश्यक कार्य के लिए आने वालों की सीमा पर ही जांच की जाएगी। जांच में संक्रमित मिलने पर उन्हें वापस लौटाया जाएगा। नेपाल प्रशासन को भी अवगत करा सहयोग की अपील की गई है।
नेपाल से भारत आने वाले नागरिकों की फिलहाल शारदा बैराज स्थित कोरोना जांच चौकी में आरटीपीसीआर एवं एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके बाद ही उन्हें भारत में प्रवेश की इजाजत दी जा रही है।
बैराज स्थित जांच चौकी प्रभारी डॉ. दानिश ने बताया कि शुक्रवार को करीब 250 नेपाली नागरिकों की आरटीपीसीआर एवं 55 लोगों की एंटीजन जांच की गई। कोविड टीकाकरण के प्रमाण एवं कोई अन्य दस्तावेज न होने पर शुक्रवार को करीब 15 लोगों को नेपाल के लिए वापस भिजवाया गया है।
एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट गजेंद्र कुमार ने बताया कि नई गाइडलाइन का पालन करवाने के लिए फिलहाल अभी कोई निर्देश उनके पास नहीं पहुंचा है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि जल्द ही बनबसा में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी चेकपोस्ट के पास कोरोना जांच चौकी खोली जाएगी।
नेपाल प्रशासन से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने यहां से 15 दिन पहले कोविड 19 टीकाकरण करवा चुके नेपाली नागरिकों को ही भारत जाने की अनुमति दिलवाएं।
एसडीएम ने बताया कि जल्द ही भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक भी होनी है। इसमें कोविड के नए स्वरूप, भारत सरकार के नए निर्देशों का पालन कराने एवं राज्य में संभावित विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा की जाएगी।