उत्तरकाशी सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी के माता-पिता को टनकपुर में समझाते बुझाते प्रशासन और स्
टनकपुर (चंपावत)। न हौसला कम हुआ है ना ही उम्मीद लेकिन देरी से इंतजार की घड़िीया लंबी हो रही हैं। पहले बुधवार रात या बृहस्पतिवार सुबह तक भाई पुष्कर सिंह ऐरी सहित सुरंग में फंसे अन्य 40 लोगों के बाहर आने की उम्मीद थी लेकिन अब तक अच्छी खबर नहीं मिल सकी है।
फोन पर हुई बात पर यह कहना है पुष्कर सिंह ऐरी के बड़े भाई विक्रम सिंह ऐरी का। वह कहते हैं कि बृहस्पतिवार को खाने में दाल-चावल दिया गया। गरम कपड़े और तौलिया भी भेजा गया लेकिन भाई से बात नहीं हुई।
विक्रम सिंह ऐरी कहते हैं कि वे और अन्य लोग सुरंग स्थल के आसपास इंतजार भी कर रहे हैं और ऊपर वाले से प्रार्थना भी। उम्मीद है कि निकाले जाने के लिए किए जा रहे सरकारी उपाय और ईश्वर की कृपा से जल्द कामयाबी मिलेगी। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में काम करने वाले टनकपुर के छीनीगोठ गांव के पुष्कर सिंह ऐरी और 40 अन्य लोग 12 नवंबर से सुरंग में फंसे हैं।
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टनकपुर में पुष्कर के परिजनों से नियमित संवाद कर रहा प्रशासन
स्वास्थ्य परीक्षण के साथ दे रहा तसल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 12 दिन से फंसे टनकपुर छीनीगोठ के पुष्कर सिंह ऐरी के माता-पिता और परिजनों का स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से परीक्षण कर रहा है। डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण के साथ परिजनों को उत्तरकाशी के हालात बताने और तसल्ली देने के लिए प्रशासन की टीम को नियमित रूप से भेजा जा रहा है।
बृहस्पतिवार को उप जिला अस्पताल के डॉ. मोहम्मद उमर, फार्मासिस्ट अनिल गड़कोटी और अजय शुक्ला ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. उमर ने बताया कि मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी की सेहत बेहतर है। उनके रक्तचाप पर नजर रखने के साथ ही बेचैनी से बचने की दवाई दी जा रही है। वहीं नायब तहसीलदार जगदीश गिरि, राजस्व उप निरीक्षक अमर सिंह मंगला ने परिजनों को उत्तरकाशी के हालात बताने के साथ जल्द सुरंग से सुरक्षित बाहर निकलने का भरोसा दिलाया।