चंपावत। चंपावत-टनकपुर एनएच बीते एक सप्ताह से माल वाहक गाड़ियों के लिए बंद है। इससे जिले के पर्वतीय क्षेत्र में निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। 12 दिसंबर की रात से हुई मूसलाधार बारिश के चलते एनएच पर डेंजर जोन स्वाला के कारण माल वाहक वाहनों के लिए मुसीबत बना हुआ है। मंगलवार 17 सितंबर को कैंटर के खाई में गिरने के बाद प्रशासन ने एनएच पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी थी।
चंपावत जिले के पर्वतीय क्षेत्र में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं। निर्माण सामग्री ईंट, सीमेंट, सरिया और बजरी सहित अन्य प्रकार का समान मैदानी क्षेत्र से चंपावत जिला मुख्यालय पहुंचता है। बीते 13 सितंबर से राष्ट्रीय राजमार्ग स्वाला के समीप भारी मात्रा में मलबा आने के कारण माल वाहक वाहनों के लिए बंद चल रहा है। निर्माण कार्य ठप होने से वाहन स्वामियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
सैंकड़ों मजदूर भी हुए बेरोजगार
चंपावत। टनकपुर- पिथौरागढ़ एनएच भारी वाहनों के लिए बंद होने से निर्माण कार्य में लगे मजदूर भी बेरोजगार बैठे हैं। मैदान से पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण सामग्री नहीं आ पा रही है। नगर में बिहार, यूपी, नेपाल देश के मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।