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नेपाल में लोकगीतों के सहारे भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश

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भारत विरोधी गीत गाते नेपाली कलाकार। - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। कालापानी विवाद को लेकर भारत को आंख दिखा रहे नेपाल में राजनीति के साथ ही अब लोकगीतों के सहारे भी भारत के खिलाफ माहौल बनाने की साजिश रची जा रही है। यू ट्यूब चैनल में नेपाली लोक कलाकारों के कई ऐसे गीत गूंज रहे हैं, जिसमें भारत की खिलाफत कर न सिर्फ कालापानी बल्कि टनकपुर, नौलापानी और अल्मोड़ा को भी नेपाल का हिस्सा होने का दावा किया गया है। यू ट्यूब चैनल में ऐसे गीतों पर कमेंट कर भारतीयों की ओर से कड़े जवाब और चीन के इशारे पर भारत के साथ संबंध नहीं बिगाड़ने के सुझाव भी दिए जा रहे हैं।
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नेपाली लोकगायक सूर्य खड़का और गायिका समझना लामिछाने मगर के ‘दादागीरी छोड़ भारत, हमलाई आउछ कुटनीति को कुरा’ (दादागिरी छोड़ भारत, हमें भी आती है कुटनीति की बात) और यू ट्यूब चैनल पर चल रहे नेपाली गायिका पूर्णकला बिसी और गायक मनोज सिंह धामी का ‘कालापानी हम्रो हो, लिपुलेख हम्रो हो, यो टनकपुर, अल्मोड़ा हम्रो हो...’ जैसे गीतों से भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे गीत न सिर्फ यू ट्यूब चैनल में चल रहे हैं, बल्कि नेपाल के एमएफ चैनलों में भी इन्हें खूब बजाया जा रहा है। यू ट्यूब चैनल में चल इन गीतों पर जहां नेपाल के दर्शकों की ओर राष्ट्रीयता पर कमेंट्स किए जा रहे हैं वहीं भारत के दर्शकों की ओर से भी कमेेंट्स कर इसका कड़ा जवाब देते हुए नेपाल को चीन के बहकावे में नहीं आने की सलाह भी दी जा रही है। लोकगीतों के सहारे में सीमा पार भारत के खिलाफ माहौल बनाने की इस तरह की कोशिशों पर भारतीय सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियां भी नजर रखे हुए हैं।
कालापानी विवाद गर्माने से पहले शुरू हो गई थी भारत विरोधी साजिश
नेपाल के गीतों के सहारे भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कालापानी विवाद गर्माने से पहले ही शुरू हो गई थी। यू ट्यूब चैनल पर इन गीतों अपलोड किए जाने की तारीख से यह बात पुष्ट हो रही है। हालांकि दादागिरी छोड़ भारत गीत कालापानी विवाद गर्माने के बाद दो माह पूर्व 30 मई को ही यूट्यूब पर अपलोड हुआ है लेकिन नेपाली गायिका पूर्णकला बिसी और गायक मनोज सिंह धामी के हम्रो हो लिपुलेख हम्रो हो, यो टनकपुर, अल्मोड़ा हम्रो हो गीत यू ट्यूब चैनल पर 11 नवंबर 2019 को अपलोड हुआ है।
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टैक्सी आपरेटरों ने फूंका चीन के राष्ट्रपति का पुतला
टनकपुर (चंपावत)। टैक्सी चालकों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंका। उन्होंने चीन निर्मित सामानों का प्रयोग नहीं करने का संकल्प लेते हुए लोगों से भी चीन के सामान का बहिष्कार करने की अपील की। कुमाऊं टैक्सी महासंघ के संरक्षक नारायण सिंह गैंड़ा के नेतृत्व में टैक्सी स्टैंड पर एकत्र हुए टैक्सी चालकों और मालिकों ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंक कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में मो. हारून, गिरीश फुलेरा, कमल बाल्मीकि, मुकेश महरा, सूरज गोस्वामी, पप्पू गंगवार, कालू गुप्ता, दिनेश प्रजापति आदि शामिल थे।
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