लोहाघाट (चंपावत)। नए शिक्षा सत्र में स्कूलों में कक्षा एक में छह वर्ष पूरे होने के बाद ही प्रवेश देने के आदेश पर शिक्षकों ने चिंता जताई है। उत्तराखंड राज्य टीम शैक्षिक नवाचारी संवाद के टीम मोटीवेटर और संस्थापक संयोजक लक्ष्मण सिंह मेहता का कहना है कि निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार नए शिक्षा सत्र एक अप्रैल तक छह वर्ष की उम्र पूर्ण कर चुके बच्चों को ही प्रवेश देना है।
मेहता ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक पूर्व से ही छात्र संख्या में कमी का रोना रो रहे रहे हैं। अभी इस नियम के अनुसार कक्षा एक में प्रवेश ही नहीं होंगे तो सरकारी स्कूलों की भविष्य में दशा दिशा क्या होगी। छह वर्ष पूर्ण करने तक अभिभावक क्यों अपने बच्चों को बिठाए रखेंगे। अभी प्रवेश नही होंगे तो कक्षा एक में छात्र संख्या शून्य हो जाएगी। मेहता ने उच्च अधिकारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश देने का अनुरोध पत्र भेजा है।