फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वांला अस्पताल में आठ दिन से लटका ताला

विज्ञापन
एक सप्ताह से बंद स्वांला का राजकीय एलोपैथिक अस्पताल भवन। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर स्थित स्वांला राजकीय एलोपैथिक अस्पताल (एसएडी) आठ दिन से बंद है, जिससे ग्रामीणों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्था सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

मुख्यालय से 22 किमी दूर स्वांला के एसएडी में 25 फरवरी से ग्रामीणों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरविहीन इस अस्पताल से अब फार्मेसिस्ट भी गायब हो गया है। स्वांला के लोग इलाज के लिए परेशान हैं। उन्होंने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। पता चला कि इस अस्पताल के डॉक्टर को जिला अस्पताल संबद्ध किया गया है। वार्डब्वॉय भी छुट्टी पर है। गांव के बड़े अस्पताल भवन में डॉक्टर और स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था भी की गई है। इसके बावजूद अस्पताल वीरान है। ग्राम प्रधान ममता भट्ट, तुलसी दत्त, गिरीश भट्ट, ईश्वरी दत्त, हेम चंद्र, बलदेव भट्ट, धर्मानंद, प्रकाश चंद्र, ललित भट्ट आदि ने तुरंत अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
एसीएमओ करेंगे जांच
चंपावत। स्वांला अस्पताल कई दिन से बंद होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

फार्मेसिस्ट के गैर जिम्मेदार रवैये से स्वांला के लोगों को बीते कई दिनों से इलाज नहीं मिल पा रहा है। फार्मेसिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंच अस्पताल के डॉ. अंकुर बिष्ट को बुधवार से स्वांला जाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें