चंपावत-खेतीखान मार्ग में फेंके गए कूड़े में लगी आग से निकला धुंआ।
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जिला मुख्यालय में कूड़ा निस्तारण की खामी स्वच्छ भारत अभियान को आइना दिखा रही है। पहले तो चंपावत शहर का कूड़ा खेतीखान मार्ग के किनारे फेंका ही जाता था, अब तो यहां कूड़े को जलाया भी जा रहा है। रविवार को सुबह यहां फेंके गए कूड़े में लगी आग के धुएं से लोग काफी परेशान रहे। इस मामले लेकर लोगों में नगर पालिका के प्रति काफी नाराजगी है।
चंपावत में नगर पालिका अभी तक शहर के कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं कर पाई है। ट्रंचिंग ग्राउंड तक का मसला कई सालों से लटका है। औसतन हर रोज तीन टन से अधिक कूड़ा यहां से करीब पांच किलोमीटर दूर खेतीखान मार्ग पर सड़क के किनारे सेलाखोला वन पंचायत के जंगल में फेंका जा रहा है। यह बिखरा कूड़ा ही यहां से आवाजाही करने वाले लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ था, अब तो यहां पर कू ड़ा निस्तारित करने के बाद जलाया भी जा रहा है। जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई है।
रविवार को यहां फेंके गए कूड़े में लगी आग से निकलता धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया। रौखेत, सेलाखोला, सैदोला, चंपावत विकासखंड क्षेत्र तक फैले धुएं ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया। इसके चलते चंपावत-खेतीखान मार्ग जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतें उठानी पड़ी। सेलाखोला वन पंचायत के सरपंच कैलाश अधिकारी का कहना है कि कूड़े में आग लगान राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का तो स्पष्ट उल्लंघन है। धुएं से यहां की हरियाली प्रभावित होने के अलावा लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। वन पंचायत सोमवार को पालिका में कूड़े निस्तारण के बेढंगे तरीके को लेकर विरोध जताएगी।
कोट
पालिका द्वारा कूड़े में आग नहीं लगाई गई। हो सकता है कि कूड़े में या तो किसी शरारती तत्व ने आग लगाई हो या कोई बम-पटाखे के जरिये आग फैली हो। पालिका मामले की पड़ताल कर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करेगी।
अभिनव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, चंपावत।