ईश्वर की शरण: यूक्रेन में फंसे छात्र आदित्य शर्मा सुरक्षित वापसी की बाराकोट के लड़ीधूरा मंदिर मे?
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चंपावत। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से हालात बिगड़े हुए हैं। भारत के हजारों छात्र-छात्राओं के साथ ही चंपावत जिले के भी कई मेडिकल छात्र-छात्राएं फंसे हुए हैं। पांच छात्र-छात्राओं में से तीन यूक्रेन की सीमा पार कर रूमानिया पहुंच गए हैं। वहीं सुरक्षित वापसी के लिए कई छात्रों के परिजन मंदिर में पूजा-अर्चना भी करा रहे हैं।
यूक्रेन के इवानो फ्रैंकिव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई लोहाघाट की शिवानी जोशी, ओसीन अधिकारी और आदित्य शर्मा शनिवार रात यूक्रेन की सीमा पार कर रूमानिया पहुंच गए। करीब 350 किलोमीटर की दूरी बस से और उसके बाद आठ किमी का फासला पैदल तय कर रूमानिया के हवाई अड्डे पहुंचे।इस दूरी को पार करने में इन छात्रों को तीन घंटे का समय लगा। परिजनों का कहना है कि तमाम तकलीफों के बीच यूक्रेन की सरहद पार कर रूमानिया पहुंचने से बच्चों के जल्द भारत पहुंचने की उम्मीद जगी है। वहीं आदित्य शर्मा के परिजनों ने रविवार को बाराकोट के लड़ीधूरा मंदिर में बेटे के जल्द भारत वापसी के लिए पूजा-अर्चना की। इन तीन छात्रों के अलावा बनबसा के व्यापारी किशोरी लाल गुप्ता की पुत्री सोनाली गुप्ता भजनपुर के संजीव कुमार का बेटा दिव्यांशु विश्वकर्मा भी यूक्रेन में ही फंसे हैं। इन परिजनों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।