चंपावत जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक बालेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग को पीतल के आवरण से सुरक्षित किया जाएगा। सावन माह में आवरण को विधि विधान से पूजा-अर्चना कर चढ़ाया जाएगा।
चंपावत जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक बालेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग को पीतल के आवरण से सुरक्षित किया जाएगा। सावन माह में आवरण को विधि विधान से पूजा-अर्चना कर चढ़ाया जाएगा। बालेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग सावन मास में नए रंग में नजर आएगा।
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काशी विश्वनाथ की तर्ज पर शिवलिंग का श्रृंगार करने का निर्णय मंदिर कमेटी ने लिया है। इसकी तैयारी भी हो गई है। मंदिर में स्थित शिवलिंग को पीतल के धातु से ढका जाएगा। महाराष्ट्र में आवरण का निर्माण कार्य कुशल कारीगर विधि विधान से कर रहे हैं। करीब डेढ़ लाख से अधिक की लागत से इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। महाराष्ट्र से आए कारीगरों ने मंदिर में नाप जोख कर आवरण बनाने का काम पहले ही शुरू कर दिया है।
मंदिर के महंत पवन गिरि ने बताया कि सकंद पुराण के अनुसार बालेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने से काशी विश्वनाथ के बराबर ही पुण्य मिलता है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ में शिवलिंग का आवरण स्वर्ण है। उस आवरण के आकार का पीतल धातु का आवरण शिवलिंग को चढ़ाया जाएगा।