नैनीताल जिले के कूकना गांव में तेंदुए के हमले में हताहत हुई चंपा के पिता प्रकाश चंद्र को चेक देते ?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा के बाद अब चंपावत जिले के कई हिस्सों में तेंदुए का आतंक एकाएक बढ़ गया है। नेपाल सीमा से लगे डुंगराबोरा गांव में तेंदुआ 6 नवंबर को एक युवती को मौत के घाट उतार चुका है अब दियूरी क्षेत्र में दिख रहे दो तेंदुए ग्रामीणों के लिए खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों ने डीएम और डीएफओ को ज्ञापन भेज तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर गांव खाली करने की चेतावनी दी गई है।
चंपावत से 21 किमी दूर दियूरी, नकीना, बमन्यूड़ा आदि क्षेत्रों में दो तेंदुए लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये तेंदुए जंगल छोड़ बस्ती तक आ पहुंचे हैं। मंगलवार शाम बाइक सवार तुलसी दत्त जोशी पर तेंदुए ने झपट्टा मारने की कोशिश की। तुलसी किसी तरह तेंदुए से बच सका। इससे एक दिन पूर्व सोमवार को नौले में गए 10वीं के छात्र गौरव सिंह भी तेंदुए के हमले से बाल-बाल बचे। इन घटनाओं से सहमे ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को तेंदुए से बचाव के लिए पिंजरा लगाने सहित अन्य उपाय करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में दीपक नेगी, मोनू नेगी, भगवान सिंह, धीरज सिंह आदि शामिल थे। एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि वन विभाग को तेंदुए से बचाव के सभी उपाय करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं लोहाघाट के रेंजर दीप जोशी का कहना है कि डुंगराबोरा गांव में तेंदुए को दबोचने के लिए तीन दिन पहले पिंजरा लगाने के साथ दो कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही वन कर्मी गश्त कर रहे हैं।
मृतका के परिजनों को दिया मुआवजा
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब से करीब 20 किमी दूर नैनीताल जिले के कूकना गांव में 22 अक्तूबर और तेंदुए के हमले में हताहत चंपा (18) पुत्री प्रकाश चंद्र के परिजनों को मुआवजे की रकम के रूप में दो लाख रुपये दिए गए। भिंगराड़ा के रेंजर हिमालय सिंह टोलिया ने इस चेक को मृतका के पिता को दिया। रेंजर ने बताया कि कूकना और धैना में पिछले महीने दो लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने के अलावा वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। संवाद