चंपावत जिले के पर्वतीय हिस्से में 21 घंटे से ठप पड़ी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की संचार सेवाएं मंगलवार को सुचारु हो गई है।
उल्लेखनीय है कि चंपावत, पाटी, बाराकोट और लोहाघाट क्षेत्र में बीएसएनएल की संचार सेवा सोमवार को अपरान्ह 2 बजे बाद से अवरुद्ध हो गई थी। जिससे लोग बुरी तरह परेशान रहे। सरकारी कार्यालयों से लेकर आम नागरिकों तक को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जिले के 300 से अधिक ग्रामीण इलाके एकमात्र बीएसएनएल पर आश्रित है। इन गांवों को भी संचार संपर्क के लिए लोग परेशान रहे। बैंकों का कामकाज भी बाधित रहा। सोमवार शाम से मंगलवार पूर्वान्ह तक बैंक का डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
एसबीआई चंपावत शाखा के मुख्य प्रबंधक एचएस पांगती का कहना है कि बैंक का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। अन्य शाखाओं में भी काम पर असर पड़ा। वहीं एटीएम, कैश डिपोजिट मशीन के भी काम नहीं करने से लोगों को परेशानी हुई। मंगलवार को संचार सेवाएं शुरू होने पर 11.30 बजे बाद बैंक का काम सुचारु हो गया।
बीएसएनएल के लोहाघाट उपखंड अभियंता मनीष पंत ने बताया कि चंपावत जिले के पाटी व घाट तथा बागेश्वर जिले के कौसानी में ऑप्टीकल फाइबर केबिल (ओएफसी) कट गई। सोमवार करीब दो बजे बाद खराब लाइन को पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा से पहुंची टीमें मंगलवार पूर्वान्ह करीब 11.15 बजे दुरुस्त कर सकी।
बीएसएनएल की केबिल ही क्यों कटती है?
चंपावत जिले में बीएसएनएल के अलावा आधा दर्जन से अधिक निजी कंपनियों की मोबाइल सेवा काम कर रही है। सबसे ज्यादा उपभोक्ता बीएसएनएल के हैं, मगर उसकी सेवा निजी कंपनियों के मुकाबले खराब है। बीते एक साल में बीएसएनएल की सेवा 9 बार बाधित हो चुकी है। इसमें ओएफसी कटने से लेकर अन्य खामी शामिल है। बीएसएनल के अधिकारी खामियों के लिए निर्माण कार्य करने वाले एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराते हैं।
कर्मियों को हाजिरी लगाने में हुई अड़चन
बीएसएनएल सेवा ठप होने से मंगलवार सुबह सरकारी कर्मियों को भी बायोमैट्रिक माध्यम से उपस्थित लगाने में परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकांश कार्यालयों में उपस्थिति नहीं लग सकी। विकास विभाग के कर्मियों का कहना है कि मंगलवार को ज्यादातर कर्मियों की उपस्थिति नहीं लग सकी।