चंपावत। लोहाघाट में भूमि के समतलीकरण में जेसीबी का उपयोग नहीं करने देने के दो आरोपियोंं को अदालत ने बरी कर दिया है जबकि तीसरे आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
विवरण के मुताबिक लोहाघाट के चिडिय़ाढुंगा के विपिन चंद्र खोलिया को वर्ष 2019 में दो नाली नौ मुट्ठी जमीन को समतलीकरण के लिए जेसीबी का उपयोग करने की प्रशासन ने अनुमति दी थी। खोलिया ने 26 दिसंबर 2019 को सतीश गड़कोटी, भुवन गड़कोटी और संजय गड़कोटी पर समतलीकरण करने से रोकने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। 28 जनवरी 2020 को थाने में आईपीसी की धारा 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए संजय गड़कोटी और भुवन चंद्र गड़कोटी को बरी किया। वहीं तीसरे आरोपी सतीश गड़कोटी की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। संवाद