चंपावत। जिले में लंबे समय से बारिश नहीं होने के चलते सेब की खेती पर खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकन और इटालियन प्रजाति के विभिन्न प्रकार के सेब की खेती करने वाले किसान परेशान और मायूस हैं।
चंपावत जिला सेब की खेती के लिए मुफीद माना जाता है लेकिन इस बार बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सेब की खेती खराब होने की कगार पर है। इस बार लोगों को अमेरिकन और इटालियन सेब का स्वाद चखना मुश्किल हो जाएगा। कठनौली मौन पोखरी के एप्पल मैन भीम सिंह महर मौसम की बेरुखी से परेशान हैं। उनका कहना है कि निर्धारित समय में बारिश नहीं होने से उनके लगाए पेड़ों की ग्रोथ नहीं हो पा रही है जबकि पिछले साल उत्पादन काफी अच्छा था।
उन्होंने अपनी नर्सरी में 10 नाली में करीब चार हजार अमेरिकन और इटालियन प्रजाति के सेब के पेड़ लगाए हैं। जनवरी में फ्लोरिंग का समय होता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो सेब की खेती पूरी तरफ बर्बाद हो जाएगी। उनके सेब के पौधों की पिथौरागढ़ और बागेश्वर क्षेत्र में काफी मांग है। सेब की खेती से उनके परिवार का पालन पोषण होता है। संवाद
पाले में पौधों की अच्छी ग्रोथ होती है
चंपावत। काश्तकार भीम सिंह ने बताया कि इन विदेशी प्रजाति के पेड़ों के लिए पाला फायदेमंद है लेकिन बारिश नहीं होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल भी उन्हें सेब की खेती के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं। काश्तकार भीम सिंह को उद्यान विभाग से भी उनकी नर्सरी के रखरखाव के लिए सहायता मिलती है। समय-समय पर विभाग की ओर से उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है। संवाद