कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई उपाय किए हैं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, आईसीयू, शैय्याओं की संख्या बढ़ाने सहित कई कदम उठाए। इसके बावजूद भी इस जिले में कोरोना के खिलाफ जंग में सवाल उठ रहे हैं।
जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना के खिलाफ जंग तो दूर, सामान्य इलाज भी नसीब नहीं है। इसकी वजह यहां ढेरों स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली का कनेक्शन कटा होना है। अभी पांच दिन पहले ही तल्लादेश के मंच अस्पताल में टार्च की रोशनी से उजाला कर चोटिल व्यक्ति का इलाज हुआ था। ऐसे हाल इस समय आठ (बनबसा, तामली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तल्लादेश के तामली, मंच, चमदेवल, दिगालीचौड़, जनकांडे, रौसाल एएनएम केंद्र) स्वास्थ्य केंद्रों के हैं।
ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों के हैं, जहां उपचार का कोई वैकल्पिक उपाय भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पर बिजली बिल का 9.35 लाख रुपये बकाया है। वहीं सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि विभागीय बिजली का बिल महानिदेशालय से एक साथ जमा होता है। फिलहाल ये बिल जमा नहीं हुआ है। बताने के बाद भी ऊर्जा निगम नहीं माना और उसने कनेक्शन काट दिए। इन अस्पतालों में जनरेटर भी नहीं है, जिस कारण कार्य प्रभावित हो रहा है।
चंपावत जिले के कोरोना टीकाकरण की प्रगति
श्रेणी लक्ष्य पहली खुराक दूसरी खुराक
हेल्थ वर्कर 2308 2252 2303
फ्रंटलाइन वर्कर 8184 7570 7402
18 से अधिक उम्र 190955 194002 180765
15 से 17 वर्ष 15516 12673 7782
12 से 14 वर्ष 9684 3721 0000