चंपावत। मूसलाधार बारिश ने पहाड़ के जीवन की दुरूहता को और ज्यादा मुश्किल बना दिया है। बुनियादी सुविधाओं के क्षत-विक्षत होने से लोग मुश्किल में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के अलावा 28 ग्रामीण मार्ग अब भी बंद होने से आवाजाही बंद है।
बिजली, पानी, संचार और गैस सिलिंडर जैसी जरूरी सुविधाओं को पाने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। सब्जियों की किल्लत से कीमतें आसमान छू रही हैं। पानी की 40 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई। बिजली की 10 किमी लंबी 33 केवी लाइन और 55 किमी लंबी 11 केवी लाइन टूटी है। लोहाघाट में रसोई गैस सिलिंडर खत्म है। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए सभी विभागों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी व्यवस्था के सामान्य होने में पांच दिन लगने की बात कही जा रही है।
पहाड़ का ज्यादातर हिस्सा 50 घंटे से अंधेरे में
चंपावत/लोहाघाट। पिथौरागढ़ से आने वाली 33 केवी बिजली लाइन के कई जगह क्षतिग्रस्त होने से पहाड़ की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। 19 अक्तूबर की शाम से बिजली आपूर्ति ठप होने से समूचा पहाड़ अंधेरे में डूबा है। हालांकि ऊर्जा निगम ने चंपावत और लोहाघाट शहर के लिए जैंती फीडर से वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था कर दी है। ईई एसके गुप्ता का कहना है कि बिजली की 65 किमी लंबी लाइन टूटी है।
जेई आरसी पंत, बीबी गहतोड़ी, अशोक कुंवर ने बताया कि भारी बारिश से मंगलवार शाम से पिथौरागढ़ से आने वाली लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई है। कई जगह मार्ग बंद होने से खामी खोजने में भी दिक्कत आ रही है। मोबाइल बंद होने से देवीधुरा के बिजली कर्मी छत्तर सिंह और सुंदर सिंह ने 13 किमी पैदल जैंती सब स्टेशन पहुंच खामी की जानकारी दी। जिसके बाद जैंती से वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
पेयजल आपूर्ति अब भी ठप, आज ठीक होने के आसार
चंपावत/लोहाघाट। मूसलाधार बारिश ने लोगों को प्यासा रख दिया है। पेयजल आपूर्ति चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी सुचारू नहीं हो सकी। इसके चलते चंपावत, लोहाघाट, पाटी के अधिकांश हिस्सों में आपूर्ति नहीं हुई। लोग नौलों और हैंडपंप से पानी ढोकर प्यास बुझा रहे हैं। जल संस्थान के ईई विलाल युनूस का कहना है कि चारों ब्लॉकों में 40 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि चंपावत और लोहाघाट में शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है। अन्य जगह तेजी से मरम्मत कराई जा रही है।
लोहाघाट में गैस सिलिंडर की आपूर्ति ठप
चंपावत/लोहाघाट। लोहाघाट में शनिवार के बाद से रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई है। सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश में गैस सिलिंडर का वितरण नहीं हुआ। बुधवार को 170 लोगों ने सिलिंडर रिफिल कराया। गैस वितरण केंद्र के प्रभारी गोविंद आर्या ने बताया कि सिलिंडर नहीं होने से बृहस्पतिवार से वितरण नहीं हो पा रहा है। हालांकि चंपावत में गैस सिलिंडर का संकट फिलहाल नहीं है। प्रभारी प्रकाश मुरारी ने बताया कि धौन में सिलिंडर का एक ट्रक फंसा है। लेकिन दूसरे रूट से सिलिंडर मंगाने से मांग और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
फोटो 21 एलएचजी 02पी
चंपावत में डीजल-पेट्रोल की किल्लत
100 रुपये तक का ही तेल मिल रहा
चंपावत। जिले के मैदानी क्षेत्र में तो डीजल-पेट्रोल की किल्लत नहीं है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क बंद होने से नौबत यह आ गई है कि किसी भी व्यक्ति को 100 रुपये से ऊपर का डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि जिले के 12 पेट्रोल पंपों में 1,78,864 लीटर डीजल और 85,560 लीटर पेट्रोल है। पहाड़ के सभी पेट्रोल पंपों में एक हजार लीटर डीजल और दो हजार लीटर पेट्रोल रिर्जव में रखने के लिए कहा गया है।
टमाटर फिर लाल, 100 प्रतिशत तक बढ़े भाव
चंपावत। मूसलाधार बारिश ने कारोबार पर ही मार नहीं की है, बल्कि आम लोगों की जेब भी काटी है। सब्जियों की कीमतों में 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा उछाल टमाटर में हुआ है। बारिश से पहले 60 रुपये किलो में बिकने वाले टमाटर अब 120 रुपये किलो हैं। इसी तरह प्याज भी 40 के बजाय 60 रुपये किलो में मिल रहे हैं। अन्य सब्जियों की कीमतों मेें भी इजाफा हुआ है। सब्जी विक्रेता पंकज कलखुडिय़ा का कहना है कि सब्जियों की कमी के अलावा सड़क बंद होने से दूसरे रुट से माल आने से लागत बढने से मूल्य में वृद्धि हुई है।
रोडवेज बस चौथे दिन नहीं चली, 12 लाख का झटका
चंपावत। सोमवार से रोडवेज बसों के पहिये जाम हैं। वहीं जीप और टैक्सियां भी छोटे रूट पर ही चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से बसें नहीं चल रही है। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम का कहना है कि निगम की 16 बसें रोज चलती थी, लेकिन भारी बारिश से बंद हुई सड़कों के चलते सोमवार से एक भी बस नहीं चली है। इससे यात्रियों को दिक्कत होने के साथ ही 12 लाख रुपये की आमदनी प्रभावित हुई है।
तीन दिन बाद हुई दूध की आपूर्ति, चार लाख का नुकसान
चंपावत। चंपावत जिले में दो दिन बाद बृहस्पतिवार को दूध की आपूर्ति फिर शुरू हुई, लेकिन ये आपूर्ति अभी सिर्फ शहरी क्षेत्रों में हो रही है। दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि बारिश बृहस्पतिवार को भी आंशिक आपूर्ति हुई है। 200 समितियों में से 40 समितियों ने करीब पांच हजार लीटर दूध दिया। दुग्ध संघ का 18 अक्तूबर को एकत्र 13500 लीटर दूध बर्बाद हो गया है। इससे चार लाख रुपये का चूना लगा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में संचार सुविधाएं अब भी बहाल नहीं
चंपावत। चंपावत, लोहाघाट में तो संचार सेवाएं काफी हद तक सामान्य हो गई है, लेकिन पहाड़ के अधिकांश दूरदराज के क्षेत्रों में एक दूसरे से संचार संपर्क अब भी नहीं हो पा रहा है। इस वजह से अभी पूरे नुकसान की जानकारी मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकी है। तल्लादेश, तल्लापाल, गुमदेश, क्वैराला, लधिया घाटी सहित बड़े ग्रामीण हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क गायब है। बिजली नहीं होने से भी परेशानी बढ़ी है।
कॉलेज सहित कई सरकारी भवनों को नुकसान
चंपावत। चंपावत राजकीय डिग्री कॉलेज भवन, जीआईसी धौन, निर्माणाधीन हेलीपैड की बाहरी दीवार सहित कई सरकारी निर्माणों को बारिश से भारी नुकसान हुआ है। वहीं कई जगह लोगों ने खुद पहल कर रास्ते के अवरोध को हटाने का प्रयास किया।
मोटर मार्ग बंद होने से गैस के वाहन न पहुंचने के चलते बंद गैस एजेंसी कार्यालय।- फोटो : LOHAGHAT