मां पूर्णागिरि धाम में उमड़े श्रद्धालु।
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पूर्णागिरि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला लगातार बना हुआ है। सोमवार को मां के धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। करीब साठ हजार से अधिक भक्तों ने देवी मां के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
इधर देवी मां का डोला लेकर भक्तिगीतों पर थिरकती पैदल और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में आती-जाती भक्तों की टोलियों की आवक बढ़ने से समूचे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना हुआ है। मेले की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं लेकिन पानी की समस्या से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।
लोकसभा चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से देवी मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। देश के कोने-कोने और नेपाल से भी देवी मां के धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। धाम के साथ ही स्नानघाटों और भारत-नेपाल सीमा पर भी खासी चहल-पहल है। सोमवार को करीब डेढ़ दर्जन से अधिक डोले लेकर भक्तों की टोलियां मां के धाम पहुंचीं।
मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मेला क्षेत्र में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद है लेकिन श्रद्धालुओं और दुकानदारों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मंदिर से लेकर काली मंदिर तक पानी की व्यवस्था पर निगरानी रखने वाला विभाग का कोई नुमाइंदा तैनात नहीं है।
शारदा चुंगी मार्ग पर बेपटरी यातायात व्यवस्था से यात्री परेशान
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालु उमड़ने से सोमवार को दूसरे दिन भी शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी बनी रही। गाड़ियों के दबाव से शारदा चुंगी मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। शारदा चुंगी मार्ग पर नदी के डाउन स्ट्रीम से खनिज निकासी करते शक्तिमान ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर, पूर्णागिरि दर्शन को आए यात्रियों के वाहन और ई-रिक्शों का दबाव और वाहन पार्किंग शुल्क की वसूली से अक्सर जाम की समस्या पैदा हो रही है।