चंपावत। जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों के 50 फीसदी पद रक्त चल रहे हैं। इसमें सबसे अधिक उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में 10 विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं। विशेषज्ञों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
जिले की पांच स्वास्थ्य इकाई में 50 विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं। इसमें से मात्र 25 विशेषज्ञ की तैनात हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण ढाई लाख से अधिक की आबादी को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। जिला चिकित्सालय चंपावत में फिजिशियन, सर्जन, स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थेस्टिक, नेत्र शल्यक, हड्डी रोग, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलाॅजिस्ट, ईएनटी, चर्मरोग, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिंक, अन्य विशेषज्ञ और आईसीयू चंपावत में निश्चेतक, चेस्ट फिजिशियन के 23 पद स्वीकृत हैं।
अस्पताल में 15 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं जबकि फिजिशियन का एक, बाल रोग विशेषज्ञ के दो, रेडियोलॉजिस्ट का एक, मनोरोग, माइक्रोबायोलॉजी, फोरंसिक, अन्य विशेषज्ञों के दो, चेस्ट फिजिशियन का एक पद रिक्त चल रहा है। अस्पताल में आठ विशेषज्ञों की जरूरत है। संवाद
टनकपुर में 10 पद रिक्त
चंपावत। उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में स्वीकृत 14 पदों में से मात्र चार ही विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। अस्पताल में फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो-दो, चर्म रोग, बाल रोग, एनेस्थेटिस्ट, ईएनटी, निश्चेतक, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ का एक-एक पद स्वीकृत है। अस्पताल में सर्जन, नेत्र शल्यक, हड्डी रोग और रेडियोलॉजिस्ट का एक-एक पद स्वीकृत है। संवाद
लोहाघाट में सात पद रिक्त
चंपावत। उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में 13 के सापेक्ष छह पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। अस्पताल में फिजिशियन, सर्जन, चर्म रोग, नेत्र शल्यक, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ का एक-एक और स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो पद रिक्त हैं। अस्पताल में एक-एक फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, नेत्र शल्यक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रोडियोलॉजिस्ट तैनात हैं।
कोट
जिले में रिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की सूची शासन को भेजी गई है। शासन स्तर से पद स्वीकृत होने के बाद जिले की पांच इकाई में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनात की जाएगी। लोगों को बेहतर इलाज दिलाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।