चंपावत। टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन से वाहनों का संचालन बेहद जोखिम भरा हो गया है। शनिवार को इस मार्ग पर स्वांला के पास करीब 11 बजे बिना बारिश के ही करीब 300 मीटर ऊंची पहाड़ी भरभरा कर गिरने लगी। राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इससे यह सड़क फिर बंद हो गई है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी हुई हैं।
कार्यदायी संस्था एनएच की ओर से जेसीबी और पौकलैंड माध्यम से मलबे को साफ किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वांला गांव भी भूस्खलन की जद में आ गया है। गांव के दोनों तरफ लगातार पहाड़ खिसकने से गांव को खतरा पैदा हो गया है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। ग्राम प्रधान ममता भट्ट ने बताया कि स्वांला गांव के 80 परिवारों को लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का डर दिन रात सता रहा है। लगातार एनएच पर ऊपर से पहाड़ी का दरकना गांव वालों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। पूर्व ग्राम प्रधान ईश्वरी दत्त, क्षेत्र पंचायत हेम चंद्र, ललित भट्ट, कैलाश भट्ट, शंकर भट्ट, पूर्णानंद आदि का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से जल्दी ही इस ओर कार्रवाई नहीं की गयी तो ग्रामीण गांव छोड़कर अन्यत्र जाने को मजबूर होंगे।
कार में मलबा गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल
चंपावत। शनिवार को स्वांला के पास एक आल्टो कार संख्या यूके 03 टीए 1357 के ऊपर मलबा गिरने से एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि मलबा आने के कारण सड़क बंद होने के दौरान खड़ी कार में मलबा गिरने से खेतीखान निवासी विजेंद्र भट्ट गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला अस्पताल भेज दिया गया। (संवाद)
भूस्खलन से पेयजल लाइन भी हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत। स्वांला में भारी भरकम पहाड़ गिरने से स्वांला से दोली को जोड़ने वाली पेयजल लाइन भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गयी है। अमोड़ी साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष ईश्वरी दत्त ने बताया कि दोली में सिंचाई के लिए सहकारी समिति के माध्यम से इस पेयजल योजना का निमार्ण किया गया था जो भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गयी है।(संवाद)
डीएम-एसपी ने किया स्वांला में भूस्खलन का निरीक्षण
चंपावत। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास हुए भूस्खलन का डीएम विनीत तोमर और एसपी लोकेश्वर सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने अधिकारियों को भूस्खलन क्षेत्र में पोकलैंड मशीनों की संख्या बढ़ाने तथा शीघ्र राजमार्ग खोलने के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगी कंपनी के अधिकारी तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। (संवाद)
भारतोली के पास पहाड़ी दरकने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आए
लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतोली के पास पहाड़ी दरकने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। भूस्खलन से च्यूरानी गांव के भारतोली तोक की पाकशाला, शौचालय, फलदार पौधे और उपजाऊ खेत जमींदोज होने के साथ-साथ यहां के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। राजस्व विभाग की टीम की ओर से क्षति का जायजा लेकर प्रभावित लोगों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है।
शुक्रवार की शाम करीब तीन बजे से विकासखंड बाराकोट के ग्राम पंचायत च्यूरानी के भारतोली तोक में भारतोली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से धीरे धीरे मलबा गिरने से एनएच बंद हो गया था। देर रात करीब दो बजे अचानक करीब 100 मीटर पहाड़ी दरककर नीचे आ गई। इससे 70 मीटर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। सड़क की 10 मीटर सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है।
ग्राम प्रधान कविता अधिकारी, पूर्व प्रधान विनोद अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह सात बजे से पहाड़ी में दरारें आनी शुरू हो गईं थीं। जो धीरे धीरे बढ़ती गई। देर रात करीब दो बजे एकाएक पहाड़ी दरक गई। इससे लोगों में दहशत फैल गई। रात के अंधेरे में ग्रामीण घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों में पहुंच गए। ग्राम प्रधान ने बताया कि भूस्खलन की चपेट में आकर गांव की सार्वजनिक पाकशाला, शौचालय, स्नानागार के अलावा ग्रामीणों का आम का बगीचा, उपजाऊ खेत मलबे के ढेर में समा गए। भूस्खलन की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी, राजस्व उपनिरीक्षक सुनील माहरा ने मौके में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि खतरे की जद में आए लोगों को अन्यत्र सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया जा रहा है।
एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि बंद पड़ी सड़क को खोलने के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिए हैं। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।
चंपावत में स्वांला में एनएच से मलबा साफ करती जेसीबी मशीन।- फोटो : CHAMPAWAT