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टनकपुर में 18, चंपावत में सात और लोहाघाट में 19 घंटे बिजली गुल

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चंपावत उप केंद्र में पैनल की मरम्मत करते बिजली कर्मी। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर (चंपावत)। सितंबर में बारिश एक बार फिर पहाड़ी जिलों में सितम ढा रही है। कहीं मलबा आने से सड़कें बंद हैं तो कहीं पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इधर शनिवार शाम खटीमा क्षेत्र में आई बारिश और अंधड़ से कई जगह पेड़ गिरे, जिससे बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण टनकपुर-बनबसा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 18 घंटे बाधित रही। उपभोक्ताओं को अंधकार में रात काटनी पड़ी। बिजली पर निर्भर कारोबार के प्रभावित रहने के साथ ही जलापूर्ति भी बाधित रही। रविवार दोपहर करीब 12 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हुई लेकिन इसके बाद भी 3:30 बजे तक बिजली की आंख मिचौली चलती रही।
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शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे क्षेत्र की बिजली अचानक गुल हो गई। एसडीओ शोएब रजा ने बताया कि खटीमा क्षेत्र में बारिश के साथ अंधड़ के कारण गढ़ीगोठ, लालकोठी (चकरपुर) और उससे आगे लोहियाहेड पावर हाउस तक कई स्थानों पर तार टूट गए थे। देर रात तक ऊर्जा निगम की टीम लाइन की मरम्मत में जुटी रही लेकिन आपूर्ति सुचारु नहीं की जा सकी। रविवार सुबह छह बजे से फिर लाइन मरम्मत का काम शुरू हुआ और दोपहर करीब 12 बजे आपूर्ति सुचारु हो पाई। हालांकि इसके बाद भी बिजली की आंख मिचौली जारी रही। इस कारण जहां लोगों ने रात अंधेरे में काटी वहीं सुबह जलापूर्ति नहीं हो पाने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। बिजली पर निर्भर कामकाज भी ठप रहा।
बिजली न होने से होटल कारोबार प्रभावित रहा। इन्वर्टर डाउन हो गए। ऐसे में पंखे आदि नहीं चले तो कई ग्राहकों के लौटने से कारोबार में नुकसान हुआ है। जलापूर्ति बाधित रहने से पानी का टैंक भी नहीं भरे जा सके। इससे पानी की समस्या भी हुई। - संजय कुमार पूठिया, होटल व्यवसायी, टनकपुर।
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क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहने से सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पाए। जन सुविधा केंद्र में लगा इन्वर्टर भी कुछ देर बाद डाउन हो गया। इस कारण ऑनलाइन आवेदन करने आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। - नितिन मंगला, संचालक, जन सुविधा केंद्र टनकपुर।
चंपावत में सात घंटे बत्ती गुल
चंपावत। चंपावत क्षेत्र में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी सात घंटे बिजली गुल रही। चंपावत और आसपास के क्षेत्रों में रविवार सुबह 9:45 बजे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शाम पौने पांच बजे बाद आपूर्ति सुचारु हो सकी। ऊर्जा निगम के जेई आरसी पंत ने बताया कि चंपावत उप केंद्र में पैनल की मरम्मत का काम होने की वजह से आपूर्ति बाधित रही।
लोहाघाट में डिस्क टूटने से 19 घंटे बाधित रही बिजली
लोहाघाट (चंपावत)। बिजली लाइन का डिस्क टूटने से 19 घंटे आपूर्ति ठप रही। ऊर्जा निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 33 केवी जैंती फीडर से रोस्टिंग के आधार पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की। यूपीसीएल के जेई अशोक कुंवर, बीबी गहतोड़ी ने बताया कि शनिवार दोपहर 2:50 बजे बागधारा सिंगदा के पास पोल का डिस्क टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी। रविवार सुबह 9:45 बजे टूटे डिस्क को बदलकर नया डिस्क लगाने के बाद आपूर्ति सुचारु हुई।
लाइनमैन न होने से सुधार में हो रही दिक्कत
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली की आंख मिचोली के खिलाफ लोगों में यूपीसीएल के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने समस्या के समाधान के लिए स्थायी तौर पर लाइनमैन की तैनाती की मांग की है।
झूलाघाट में उपभोक्ताओं को लंबे समय से यूपीसीएल के लाइनमैन के न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। आए दिन लाइन में शार्ट सर्किट या छोटी सी परेशानी होने पर बाहर से लाइनमैन बुलाना पड़ता है। हल्की बारिश में यूपीसीएल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर देता है। इस कारण अगले दिन दोपहर दो बजे बाद आपूर्ति सुचारु की जाती है। बिजली बंद होने से बीएसएनएल का टावर भी काम नहीं करता है। इस कारण मोबाइल के सिग्नल भी चले जाते हैं। घाटी वाला क्षेत्र होने के कारण पंखे, कूलर और एसी भी किसी काम के नहीं रहते। व्यापार संघ अध्यक्ष जगदीश जोशी ने यूपीसीएल से झूलाघाट में स्थायी लाइनमैन के तैनाती की मांग की है।
बिजली कड़कने से 15 घरों में इलेक्ट्रॉनिक सामान फुंका
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। बिजली कड़कने से सिरकुच गांव में कई घरों में टीवी सेट और बल्ब फुंक गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान के भरपाई की मांग की है। शुक्रवार रात भारी बारिश और बिजली कड़कने से सिरकुच, बसेड़ा, च्यौड़ी में कई लोगों के टीबी, बल्ब, सेट टॉप बॉक्स और अन्य विद्युत उपकरण फुंक गए। सिरकुच की प्रधान मनीषा बिष्ट ने बताया कि शनिवार तक लोगों को फाल्ट के बारे में पता नहीं चल पा रहा था। शाम होते-होते जब पूरे गांव में किसी के भी बल्ब नहीं जले, तब जाकर उपकरण फुंकने का पता चला। उन्होंने ग्रामीणों को हुए नुकसान के भरपाई की मांग की है।
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