चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पहली पीढ़ी को पेंशन दिए जाने में आ रही सारी अड़चनें दूर हो गई हैं। इनको सेनानी कुटुंब पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पहली पीढ़ी को हर माह चार हजार रुपये मिलेंगे।
जिलाधिकारी डॉ.अहमद इकबाल ने तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पहली पीढ़ी के चार उत्तराधिकारियों को पेंशन भुगतान आदेश दिया। अमर उजाला द्वारा पेंशन मिलने में देरी होने के मामले को कई बार उठाया गया। अमर उजाला के 24 अप्रैल के अंक में इस मामले को लेकर ‘न सेनानी आश्रितों को सम्मान, न जीओ का पालन’ शीर्षक पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन करम चंद के बेटे डॉ.जनक चंद, सेनानी लाल सिंह प्रथोली के पुत्र गुमान सिंह प्रथोली व पुत्री हीरा देवी और सेनानी खीमानंद पंत के बेटे भुवन चंद्र पंत को डीएम द्वारा पेंशन पट्टा दिया गया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को पेंशन की राशि अक्तूबर 2016 से मिलेगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने बताया कि पेंशन पात्रता के दायरे में आने वाले सेनानियों की प्रथम पीढ़ी के शेष लोगों के कागजात अभी पूरे नहीं थे। इन प्रपत्रों को पूर्ण किए जाने के बाद अन्य लोगों को भी जल्द ही पेंशन मिल सकेगी।
उत्तराखंड शासन ने 7 सितंबर 2016 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को कुटुंब पेंशन योजना देने का आदेश जारी किए थे। वित्त विभाग की सहमति से जारी शासनादेश में कहा गया था कि सेनानी की विधवा पत्नी की मौत के बाद सेनानी के प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारी को कुटुंब पेंशन के रूप में हर माह 4 हजार रुपए दिए जाएंगे। सेनानी की एक से अधिक संतान होने के बाद पेंशन की इस रकम का समान रूप से वितरण किए जाने का प्रावधान है।