फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फॉलोअप:वन विभाग ने कहा 15 नहीं, बांज के छह पेड़ जमींदोज हुए

विज्ञापन
मानेश्वर के पास मझेड़ा में कटे पेड़ों का मुआयना करते वन दरोगा रियाज अहमद। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। मानेश्वर क्षेत्र से लगे मझेड़ा गांव में सड़क के लिए रातों रात पेड़ काटे जाने मामले की जांच शुरू हो गई है। वन विभाग की शुरुआती जांच में काटे गए बांज के पेड़ों की संख्या 15 के बजाय छह बताई गई है। पेड़ नाप जमीन से कटे हैं या किसी ओर श्रेणी की जमीन से इसकी पड़ताल की जा रही है। विभाग का कहना है कि आरोपी का पता लगा जरूरी विधिक कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन

मानेश्वर के बसंत बल्लभ उप्रेती, शेखर चंद्र उप्रेती और गिरीश चंद्र उप्रेती ने शनिवार रात कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से सड़क काटने और रोड के आड़े आ रहे 40 फलदार व 15 बांज के पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए लोहाघाट थाने में तहरीर दी थी। दावा किया गया था कि ये पेड़ उनकी नाप जमीन पर थे। मानेश्वर-मझेड़ा रोड से कफलेख-खेतीगाड़ के बीच 250 मीटर जमीन में ये पेड़ काटे गए हैं। सोमवार को लोहाघाट के वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी ने वन दरोगा रियाज अहमद के नेतृत्व में विभागीय टीम भेज मौका मुआयना कराया। टीम ने बांज के 15 पेड़ों के बजाय सिर्फ छह पेड़ों को जेसीबी मशीन से काटे जाने की तस्दीक की है। इनमें से दो पेड़ एक से दो फीट और चार पेड़ एक फीट व्यास के हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि माल्टा, संतरा, नींबू के पेड़ों को काट कर दबाने का अंदेशा जताया गया है।
इधर राजस्व उप निरीक्षक वीरेंद्र लाल का कहना है कि जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं, वह जमीन नाप नहीं है। इस जमीन के गौचर-पनघट की होने की संभावना जताई गई है। इससे मामला उलझ गया है। वन क्षेत्राधिकारी जोशी ने एसडीएम को पत्र भेज जिस स्थान पर पेड़ काटे गए हैं, वहां की भूमि की श्रेणी स्पष्ट करने का आग्रह किया है। ताकि विभाग आगे की कार्रवाई कर सके। पीड़ित पक्ष ने एसडीएम आरसी गौतम को भी पत्र भेजकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

कोट
जेसीबी से अवैध रूप से पेड़ काटे जाने का मामला उजागर होने पर वन विभाग की टीम से मौका मुआयना कराया गया है। शुरुआती जांच में बांज के 15 पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। अलबत्ता छह पेड़ काटे जाने की तस्दीक हुई है। वहीं फलदार पौधों को काटकर दबाया गया है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जमीन किस वन श्रेणी की है, इसका पता लगने पर पेड़ काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन

केएस बिष्ट, वन संरक्षक, चंपावत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें