चंपावत। मुख्य सचिव (सीएस) उत्पल कुमार सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में राजस्व उप निरीक्षकों की सूखे की रिपोर्ट को अधिकारियों से सत्यापित कराने के आदेश दिए। रबी फसल की रिपोर्ट मार्च के अंतिम सप्ताह तक देने की हिदायत दी गई है। तहसील व विकासखंडों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बारिश को नापने के उपकरण को स्थापित करने को कहा, ताकि सूखे के हालात का गहनता से आकलन हो सके। सीएस ने सूखे की संभावित स्थिति व पेयजल संकट से उबरने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की।
जल संकट के पिछले वर्षों के सभी अभिलेखों के साथ व्यापक स्तर पर सूचनाओं को एकत्र करते हुए दीर्घकालीन वैज्ञानिक पैरामीटर के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने, पुराने सिस्टम को समीक्षा करने के साथ पहले से निर्मित तालाबों, नौलों, धारों आदि पेयजल स्रोतों की लगातार निगरानी बनाए रखने की हिदायत दी। सीएस ने डीएम और पेयजल अधिकारियों को समस्या के निदान के लिए समस्याग्रस्त क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था करने को कहा। सचिव अरविंद हयांकी ने हैंडपंपों की स्थिति ठीक रखने और खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराने को कहा। खराब योजनाओं की तत्काल मरम्मत कराने व समस्याग्रस्त मोहल्लों की जानकारी पहले से ही देने के निर्देश दिए।
एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने मुख्य सचिव को बताया कि जिले की 44 बस्तियां व 34 मोहल्ले पेयजल संकट के नजरिए से संवेदनशील हैं। संकट से निपटने के लिए पांच विभागीय टैंकरों के अलावा 12 जीपों की निविदा किए गए हैं। सीडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि मां पूर्णागिरि मेले के दौरान व्यवस्था बनाये रखने के लिए सड़क मार्ग पर दो टैंकरों की व्यवस्था के साथ पैदल मार्ग पर दो हजार लीटर के दो प्लास्टिक टैंकों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। निदेशक एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, सीएओ सुरेंद्र कुमार, डीएचओ एनके आर्या, सीवीओ डा.बीएस जंगपांगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आदि मौजूद थे।