टनकपुर (चंपावत)। प्रभारी कोतवाली इंचार्ज के साथ राजकीय महाविद्यालय मेें हाथापाई, अभद्र भाषा का उपयोग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में न्यायालय ने पूर्व छात्र नेता और नगर पालिका के मौजूदा सभासद दीपक बेलवाल को सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप से दोषमुक्त किया और मारपीट, अभद्र भाषा के उपयोग के आरोप में छह माह के साधारण कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
तत्कालीन कोतवाली इंचार्ज उप निरीक्षक सुरेंद्र सिंह खड़ायत ने 15 सितंबर 2016 को पूर्व छात्र नेता सभासद बेलवाल के खिलाफ महाविद्यालय परिसर के अंदर शराब पीकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, कोतवाली इंचार्ज के साथ हाथापाई, गाली-गलौच आदि आरोप लगाते हुए आईपीसी की धारा 332, 323, 353, 504, 506 और 7 दंड विधि संशोधन अधिनियम 1932 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेेंद्र कुमार की अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व छात्र नेता बेलवाल को आईपीसी की धारा 332, 353 और 7 दंड विधि संशोधन अधिनियम 1932 में दोषमुक्त करते हुए धारा 323 के तहत तीन माह का साधारण कारावास और दो सौ रुपये अर्थदंड, धारा 504 के तहत छह माह साधारण कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड, धारा 506 के तहत छह माह साधारण कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अंबादत्त गड़कोटी ने पैरवी की।