चंपावत। सेवा के अधिकार के तहत आए सभी आवेदनों को तय समय के भीतर आवेदक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यह निर्देश बृहस्पतिवार को मासिक स्टाफ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में विविध देयकों की बहुत कम वसूली होने की रिपोर्ट पर डीएम बिफर पड़े। उन्होंने तहसीलदार चंपावत, टनकपुर का स्पष्टीकरण लेने और संबंधित अमीनों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में पटल सहायक गुसाई सिंह किरौला ने बताया कि विविध देयकों की वसूली में चंपावत तहसील ने 49 लाख के सापेक्ष आठ लाख, टनकपुर ने 49 लाख के सापेक्ष 10 लाख, लोहाघाट ने 26 लाख के सापेक्ष 17 लाख, पाटी ने 11 लाख के सापेक्ष चार लाख, बाराकोट ने तीन लाख के सापेक्ष एक लाख की वसूली की है। इस पर डीएम बिफर पड़े और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व वादों के छह माह से अधिक लंबित रहने पर भी नाखुशी व्यक्त की और एसडीएम, तहसीलदारों को लगातार कोर्ट लगाकर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों के खतौनियों का गांव में जाकर वाचन न करने पर असंतोष व्यक्त किया। जिले के दस बड़े बकायेदारों की सूची जिला और तहसील मुख्यालय में चस्पा करने, उनके खिलाफ वारंट, कुर्की, नीलामी की कार्यवाही अमल में लाने को कहा। बैठक में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जीडी पांडेय, सुरेश चंद्र पंत, सहायक भूलेख अधिकारी राम प्रसाद आर्य सहित सभी पटल सहायक मौजूद थे।