पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ डिपो से बसों का संचालन पटरी पर नहीं लौट पा रहा है। दो महीने बाद भी टनकपुर से 10 खराब बसें ठीक होकर पिथौरागढ़ नहीं पहुंच सकी हैं। ऐसे में सड़कों पर बसों की कमी हो गई है इसकी मार यात्री सह रहे हैं।
पिथौरागढ़ डिपो से देहरादून, दिल्ली, बरेली, टनकपुर सहित विभिन्न रूटों पर 57 बसों का संचालन होता है जबकि यात्रियों के सापेक्ष डिपो को 80 से अधिक बसों की जरूरत है। पहले से ही डिपो में बसों की कमी है। दो महीने पहले 10 बसों में खराबी आ गई इन्हें टनकपुर वर्कशॉप भेजा गया था। उम्मीद थी कि जल्द ही खराब बसों की हालत सुधरेगी और ये फिर से सड़कों पर दौड़ेंगी। अब तक एक भी बस की खराबी दूर नहीं हो सकी है। सभी बसें टनकपुर वर्कशॉप में खड़ी हैं और यात्री बेबस हैं। बसों की कमी के चलते यात्रियों को टैक्सी में सफर करना पड़ रहा है।
पार्ट्स न मिलने से बसों की खराबी दूर करना बना चुनौती
पिथौरागढ़। डिपो प्रबंधन के मुताबिक दो महीने पहले खराबी को दूर करने के लिए बसों को टनकपुर वर्कशॉप भेजा गया है। इन्हें ठीक करने के लिए कई स्पेयर पार्ट्स की जरूरत है। वर्कशॉप में स्पेयर पार्ट्स न होने से बसों की खराबी को दूर करना चुनौती बन गया है।
रक्षाबंधन पर बहनों को होगी दिक्कत
पिथौरागढ़। रक्षाबंधन पर बहनों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की घोषणा की गई है। पिथौरागढ़ डिपो में पर्याप्त बस उपलब्ध न होने से बहनों को राखी पर्व पर दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। यदि पर्याप्त बसों का संचालन नहीं हुआ तो बहनों को टैक्सी से सफर करना पड़ेगा।
कोट
बसों की खराबी को दूर करने के लिए इन्हें टनकपुर वर्कशॉप भेजा गया है। उम्मीद है जल्द खराबी दूर होगी। हर रूट पर बसों का संचालन कर यात्रियों को राहत पहुंचाई जा रही है। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो।
रोडवेज बस की आस लगाए हैं लोहाघाट, बाराकोट और पाटी के लोग
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के लोहाघाट डिपो से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोडवेज बस का संचालन न होने से लोगों परेशानी हो रही है। बस नहीं चलने से बुजुर्गों, दिव्यांगों, छात्राएं को सरकार की ओर से दी गई निशुल्क यात्रा के लाभ से वंचित हैं। पूर्व में लोहाघाट डिपो से कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बस का संचालन होता था। इससे यात्रियों को काफी सुविधा होती थी।
लोहाघाट, पाटी, बाराकोट ब्लाॅक में रोडवेज की एक भी बस नहीं चल रही है। टैक्सियों में यात्री ठूंसे जा रहे हैं और उनसे मनमाना किराया वसूला जा रहा है। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों, शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। वर्तमान में रोडवेज डिपो बसों की भारी कमी से जूझ रहा है। रोडवेज की ओर से वर्तमान में दिल्ली, गुरुग्राम, देहरादून, बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर, ऋषिकेश रूट में बस का संचालन कर रहा है, इससे मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं।
यूपी के जमाने में ग्रामीण क्षेत्र में होता था बस का संचालन
उत्तर प्रदेश के समय में वर्ष 2003 से पूर्व लोहाघाट डिपो से पंचेश्वर-बरेली, बर्दाखान-बरेली, लोहाघाट-रीठासाहिब, लोहाघाट-देवीधुरा, लोहाघाट-ढोलीगांव, लोहाघाट-रौंसाल, लोहाघाट-चमदेवल रूटों पर बस का संचालन किया जाता था।
तकनीकी स्टाफ की कमी से जूझ रही कार्यशाला
लोहाघाट। रोडवेज कार्यशाला में भी तकनीकी कर्मियों की भारी कमी बनी हुई है। 32 कर्मियों के सापेक्ष मात्र 17 कर्मचारी तैनाती हैं। इसमें एक मैकेनिक, दो बॉडी मैन, एक फीटर, दो लिपिक, एक सेंटिंग चालक, पेंटर नियमित और नौ बाह्य स्रोत कर्मचारी तैनात हैं। बस में आने वाली बड़ी तकनीकी खराबी दूर करने के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं हैं। बस को टनकपुर भेजा जाता है।
24 बस ऑन रूट, छह बस खराबी के चलते खड़ी
लोहाघाट। लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 30 बस हैं, इनमें से 24 बस ऑन रूट हैं। जबकि पांच बसों के इंजन में खराबी आने से उन्हें सही करने के लिए क्षेत्रीय कार्यशाला टनकपुर में भेजा गया है, जबकि एक बस को सही करने का काम लोहाघाट कार्यशाला किया जा रहा है। - सुशील व्यास, प्रभारी फोरमेन, रोडवेज लोहाघाट।
नई बस मिलने के बाद लोहाघाट-देवीधुरा मार्ग में बस का होगा संचालन
लोहाघाट। लोहाघाट डिपो में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बस के संचालन का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। दो साल से बंद लोहाघाट-देवीधुरा मार्ग पर बस चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है। नई बस मिलने के बाद ही इस मार्ग में बस का संचालन होगा। भविष्य में अधिक बस मिलने के बाद अन्य ग्रामीण मार्गों में बस के संचालन पर विचार किया जाएगा। - नरेंद्र कुमार गौतम, एजीएम लोहाघाट