बरसात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। बारिश के दौरान किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए अलग-अलग तरह से रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशासन ने आपदा की स्थिति में फंसे यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधानों से समन्वय बनाने की योजना बनाई है, जिससे ग्राम प्रधानों के माध्यम से रास्ते में फंसे यात्रियों को सुविधा मुहैया कराई जा सके।
चमोली जिला आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और बरसात में आपदा से निपटने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। इसके तहत यदि कोई भी हाईवे बंद होता है और वहां प्रशासन नहीं पहुंच पाता तो यात्रियों को खाने-पीने और रहने की व्यवस्था के लिए ग्राम प्रधानों से समन्वय बनाया जा रहा है। एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी ने बताया कि जल्द ग्राम प्रधानों से इस संबंध में बात कर उन्हें जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बदरीनाथ हाईवे के लामबगड़, हनुमान चट्टी और बदरीनाथ धाम में एसडीआरएफ की दो-दो टुकड़ियों को भेजा गया है। हेमकुंड मार्ग पर वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है। तहसील परिसर में आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेगा। हाईवे के डेंजर जोन पर अतिरिक्त मशीनों को हर समय तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं, जिससे हाईवे बंद होने की स्थिति में उसे खोलने के लिए तुरंत काम शुरू किया जा सके।