पैदल पुल बह जाने से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे ईराणी गांव के युवाओं ने एकजुटता दिखाई और दो दिन में वीर गंगा पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर इससे आवाजाही शुरू कर दी। इस पुलिया से अब घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी हो सकेगी।
बीते 18 जून को भारी बारिश के कारण ईराणी गांव को जाने वाला पैदल रास्ता जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था, जबकि भेलतला नामक स्थान पर वीर गंगा पर निर्मित पुल भी बह गया था। तब से ग्रामीण तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर झींझी गांव से होते हुए अपने गंतव्य को पहुंच रहे थे, जबकि कुछ लोग अधिक पैदल दूरी होने के कारण नदी से ही आवाजाही कर रहे थे। पुल बह जाने से क्षेत्र में घोड़े-खच्चरों से खाद्यान्न ढुलान भी बंद हो गया था। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि पुल बह जाने के बाद से ग्रामीणों को आवाजाही में हो रही दिक्कत को देखते हुए क्षेत्र के 10 युवाओं ने एकजुटता दिखाई। वीर गंगा नदी का जलस्तर थोड़ा कम होते ही युवाओं ने नदी पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया का निर्माण कर लिया। युवाओं ने दो दिनों में इस पुलिया को तैयार किया है। इस पुलिया से अब घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी हो सकेगी।