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Iकेदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य हुए प्रभावित, फूलों की घाटी, हेमकुंड में भी गिरी बर्फI
बदरी-केदार में तीसरे दिन भी मौसम खराब रहा और जमकर बर्फबारी हुई जिससे यहां बर्फ की चादर बिछ गई है। बर्फ गिरने से दोनों धामों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। श्रद्धालुओं ने ठिठुरते हुए भगवान के दर्शन किए। बदरीनाथ में न्यूनतम तापमान माइनस 7 और अधिकतम 8 डिग्री रहा। जबकि केदारनाथ में अधिकतम तापमान 3 और न्यूनतम माइनस 9 डिग्री रहा। केदारनाथ में दो घंटे तक बर्फबारी होने के कारण यहां 4 इंच ताजी बर्फ जमी। जबकि पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, गोरसों में भी बर्फबारी हुई है।
शुक्रवार शाम को करीब पांच बजे बदरीनाथ धाम में हल्की बारिश शुरू हुई जो शनिवार को सुबह आठ बजे तक होती रही। इससे पूरे धाम में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। धाम के आसपास की चोटियां भी बर्फ से लकदक हो गई हैं। हालांकि सुबह दस बजे के बाद मौसम कुछ साफ हुआ। वहीं निचले इलाकों जमकर बारिश हुई। जोशीमठ, पीपलकोटी, गोपेश्वर, चमोली सहित अन्य जगह पर बारिश हुई। यहां हल्के बादल छाए हैं जिससे रात को फिर बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
वहीं केदारनाथ में दोपहर सवा 12 बजे शुरू हुई बर्फबारी दो घंटे तक होती रही। बर्फबारी के कारण लगभग 4 इंच तक नई बर्फ जमी। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही सिमेंट से जुड़े कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने बताया कि तापमान में गिरवाट के कारण सिमेंट कार्यों पर ज्यादा असर पड़ रहा है। ठंड के कारण रात में सिमेंट के काम बंद कर दिए हैं।