कैल नदी बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया रविवार को पानी बढ़ने से बह गई। पुलिया बहने से बलाड़ व पिनाऊ गांव का संपर्क कट गया है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों के सामने आने-जाने का संकट हो गया है। यहां लगाई गई ट्रॉली भी बंद पड़ी है। अब छह जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं, अगर जल्द यहां पुलिया नहीं बनाई गई और ट्रॉली शुरू नहीं की गई तो बच्चे स्कूल नहीं जा पाएंगे। स्थानीय लोगों ने कैल नदी पर जल्द पुलिया बनाने और ट्रॉली शुरू करने की मांग की।
कैल नदी के सूपलीगाड़ में लोनिवि ने झूला पुल बनाया था, जो वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। फिर लोनिवि ने यहां पर हाइड्रोलिक ट्रॉली लगाई जो छह माह से बंद पड़ी है। आवाजाही के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी की अस्थाई पुलिया बनाई लेकिन कैल नदी का जलस्तर बढ़ने से यह पुलिया बह गई है। बलाण व पिनाऊ गांव के कक्षा 11वीं व कक्षा 12वीं के बच्चे घेस इंटर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। अब छह जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं। बलाण के गोविंद सिंह ने कहा कि लकड़ी की पुलिया बहने से लोगों को दिक्कतें हो रही है। वहीं लोनिवि के ईई अजय काला ने कहा कि ट्रॉली को जल्द शुरू कर दिया जाएगा।