सिमली में चार करोड़ से अधिक की लागत से हो रहा निर्माण
लोगों ने कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली में सिंचाई विभाग की ओर से किए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य पहली ही बरसात में ही बहने लगे हैं। यहां करीब चार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश में दीवार का करीब डेढ़ सौ मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और जांच की मांग की।
सिंचाई विभाग की ओर से सिमली में पिंडर नदी किनारे करीब 4.34 लाख से अधिक की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य हो रहा है। इससे औद्योगिक परिक्षेत्र, बेस अस्पताल, विद्युत सब स्टेशन सहित आसपास की बस्तियों की सुरक्षा के लिए यहां सीसी प्लम और दीवार का निर्माण किया जा रहा है। यहां 440 मीटर दीवार का निर्माण किया जाना है। मगर तेज बारिश के कारण पिंडर नदी के उफान में दीवार का करीब डेढ़ सौ मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, जीपी डिमरी, जयदीप गैरोला आदि ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से यहां निर्माणाधीन दीवार पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने विभाग पर गुणवत्तापरक कार्य करने के बजाए सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शुभम डोभाल का कहना है कि नदी में दीवार के पैच बहने की सूचना मिली है जिससे ठीक करा लिया जाएगा।