फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भवती को सात किमी डंडी के सहारे लाए सड़क तक

विज्ञापन
घाट क्षेत्र में प्राणमति गांव में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को पैदल ही सड़क तक पहुंचाते ग्राम - फोटो : GOPESHWAR
विज्ञापन
सड़क सुविधा न होने का खामियाजा ग्रामीणों को आज भी झेलना पड़ रहा है। प्राणमति गांव में सड़क न होने पर रविवार को प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को ग्रामीणों ने कंधे पर डंडी के सहारे बर्फ से फिसलन बने रास्ते पर सात किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाट से आठ किलोमीटर पहले ही वादुक बैंड पर महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

प्राणमति गांव के राजेंद्र कुमार की पत्नी करिश्मा देवी (27) को शनिवार रात से ही प्रवास पीड़ा हो रही थी लेकिन गांव में सड़क न होने पर उन्हें सुबह का इंतजार करना पड़ा। रविवार सुबह सात बजे ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की और कुर्सी को लकड़ी के डंडों पर रस्सी के सहारे बांधा और कंधे पर करीब सात किलोमीटर तक पैदल चलकर महिला को सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को एंबुलेंस में ले जाया गया, लेकिन सीएचसी से करीब आठ किलोमीटर पहले ही महिला ने वादुक बैंड पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। ग्रामीण महिलाओं ने एंबुलेंस में ही महिला का प्रसव कराया। बाद में एंबुलेंस से ही जच्चा-बच्चा को सीएचसी घाट में भर्ती कराया गया। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्राम प्रधान सरस्वती देवी और सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह नेगी ने बताया कि यदि महिला को पैदल लाने में थोड़ी भी देरी होती तो दिक्कत हो सकती थी। उन्होंने बताया कि सड़क न होने से प्राणमति, कनोल और बड़गुना गांव के ग्रामीणों को सात किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने सितेल-प्राणमति (7 किमी) सड़क के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर रुका हुआ है। बीते दिनों क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई, जिससे पैदल रास्ता फिसलन भरा बना है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें