कर्णप्रयाग में दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझाई जा सकी
पोखरी में रैसू के जंगल में लगी आग चट्टानी क्षेत्र होने के कारण नहीं बुझ पा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी/कर्णप्रयाग/देवाल। जंगलों की आग विकराल होने के कारण इसे बुझाना वन विभाग के लिए भी चुनौती बन गई है। रविवार को भी चमोली जिले के जंगल दिनभर जलते रहे। स्थिति यह आ गई कि कर्णप्रयाग के आटागाड़ रेंज कार्यालय के पास लगी आग को बुझाने के लिए डीएफओ भी उतर आए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। चहीं चमोली जिले के नागनाथ रेंज के अंतर्गत रैसू के जंगल भी दिनभर आग में जलते रहे।
रविवार को कर्णप्रयाग के आटागाड़ रेंज कार्यालय के पास आग लग गई। इस दौरान रेंज कार्यालय पहुंचे डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे ने जब यह देखा तो वह भी कर्मचारियों के साथ आग बुझाने पहुंच गए। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को कार्यालय तक पहुंचने से रोका गया। डीएफओ ने बताया कि हर रेंज में 20 वाचर की तैनाती की गई है। दूसरी ओर रविवार दोपहर को नागनाथ रेंज के अंतर्गत रैसू के जंगल में आग लग गई। चीड़ का घना जंगल होने के कारण आग ने भीषण रूप ले लिया। इसके बाद आग सलना, परतोली व एरास के जंगल तक पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर सिंह नेगी, डिप्टी रेंजर केशव लाल, वन दरोगा मोहन सिंह सहित वन कर्मी व फायर वाचर आग बुझाने जंगल में पहुंचे। नवल किशोर ने कहा कि आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन चट्टानी क्षेत्र होने के कारण आग बुझाने में दिक्कतें आ रही हैं।
चमोली जिले में 120 हेक्टेयर जंगल जला
कर्णप्रयाग/देवाल। चमोली जिले में अभी तक 110 जंगलों में आग लग चुकी है और करीब 120 हेक्टेयर जंगल जल चुका है। रविवार को जिले के बदरीनाथ वन प्रभाग के छह जगहों देवाल रेंज के पाेखरीगाड़, रैन वीट, रेंज थराली, नारायणबगण व नंदप्रयाग में छह जगह आग लगी रही। हालांकि आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है लेकिन आग विकराल होने के कारण इसे नहीं बुझाया जा सका है। डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि जिले में अब तक 110 जगह आग की घटना हुई हैं जिसमें 120 हेक्टर भूमि जली है। विभाग शरारती तत्वों पर नजर रख रहा है। कहा कि आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
फिर धधका छावनी का जंगल, कार जली, सेना के जवान बुझाने में जुटे
लैंसडौन में कई जगहों पर जल रहे जंगल, ग्रामीण, वन कर्मी भी डटे
संवाद न्यूज एजेंसी
लैंसडौन/दुगड्डा/सतपुली। पर्यटन नगरी लैंसडौन में रविवार को छावनी वन क्षेत्र में एक बार फिर आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक कार भी जल गई। आग इतनी भीषण थी कि पूरे वातावरण में गहरी धुंध छा गई। छावनी वन कर्मियों, स्थानीय निवासियों व सेना के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद चार जगहों पर लगी आग को देर शाम तक बुझा दिया।
रविवार सुबह छावनी क्षेत्र के अंतर्गत बीआरओ, चर्च, टिप इन टॉप, 16 नंबर बंगला के जंगल में लगी आग से दिनभर जंगल सुलगता रहा। टिप इन टॉप के पास के जंगल की आग बुझाने के लिए स्थानीय युवक ऋषभ माहरा व दीपक कुमार की टीम पहुंची और कई घंटे बाद आग बुझाई जा सकी। टिप इन टॉप के निकट सड़क किनारे खड़ी एक कार भी आग में जल गई। वहीं एक मकान की ओर बढ़ती आग को इन्हीं युवकों ने बचा लिया। छावनी वन दरोगा बीरबल सिंह ने बताया आग पर छावनी विभाग के वन कर्मियों ने 4 घंटे बाद काबू पाया। भर्ती कार्यालय के निकट के जंगलों में लगी आग को सेना के जवानों की सहायता से वन कर्मियों ने बुझाया।
उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा रेंज के आमसौड़ क्षेत्र खोह अनुभाग में मोबाइल टावर के निकट आग लग गई। खोह नदी की ओर से चली तेज हवा से आग और फैल गई। वहीं भेल सरूडा़ की ओर भूस्खलन क्षेत्र में आग बुझाने के लिए वन कर्मियों को संघर्ष करना पड़ा। दालमीसैण क्षेत्र में आग से वन संपदा नष्ट हो गई। भूमि संरक्षण वन प्रभाग के वन कर्मी आग पर काबू बुझाने में जुटे रहे।
नयार नदियों और बाजार के पास दिखे वन्यजीव
सतपुली। नयारघाटी क्षेत्र में चारों ओर फैली जंगलों में आग से वन्यजीवों का जीना भी दुश्वार हो गया है। वन्यजीव जान बचाने और भोजन-पानी की तलाश में आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। सतपुली के निकट नयार नदियों और बाजार के आस-पास बड़ी तादाद में हिरन सहित अन्य वन्यजीव दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय व्यापारी प्रवीन पंवार का कहना है पिछले एक सप्ताह से धुंध के कारण आंखों में जलन हो रही है। नौगांव कमंदा के पूर्व वन सरपंच पातीराम ने बताया कि कई वर्षों बाद इस तरह की भीषण वनाग्नि दिखाई पड़ रही है। संवाद