गोपेश्वर। उच्च हिमालय क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 अक्तूबर को ब्रह्ममुहुर्त में विधि-विधान से बंद किए जाएंगे। शीतकाल में छह माह तक रुद्रनाथ भगवान की पूजा-अर्चना गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होगी।
पुजारी जनार्दन तिवारी और हक-हकूकधारी सत्येंद्र रावत ने बताया कि 18 अक्तूबर को कपाट बंद होने के बाद रुद्रनाथ भगवान की चल विग्रह डोली रात्रि प्रवास के लिए मौलीखर्क पहुंचेगी। 19 को डोली पुंग बुग्याल, चंद्राकोटी से होते हुए ज्वाला देवी मंदिर सगर पहुंचेगी। यहां रुद्रनाथ भगवान को राजभोग लगाया जाएगा। रात्रि प्रवास के लिए डोली नंदा देवी मंदिर गंगोलगांव पहुंचेगी। 20 को डोली गणेश मंदिर, बस स्टैंड से होते हुए गोपीनाथ मंदिर में पहुंचेगी। यहां कुछ देर मंदिर परिसर में अर्घ्य लगाने के बाद डोली गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएगी। संवाद