गोपेश्वर पीजी कॉलेज में मांगल गायन के दौरान अभिनय करते
गोपेश्वर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में लोककला और संस्कृति विषय पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी के बाद छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिसमें विवाह के दृश्य का मंचन कर पारंपरिक मांगल गीत गाए गए।
स्ववित्त पोषित बीएड विभाग में ईपीसी विषय के तहत गोष्ठी हुई। प्राचार्य प्रो. कुलदीप सिंह नेगी ने कहा कि पढ़ाई के साथ अपनी संस्कृति, लोककला, परंपरा व भाषा को भी संरक्षित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत यादव ने कहा कि बीएड प्रशिक्षुओं के व्यक्तित्व विकास के लिए लोक कला व संस्कृति संरक्षण के कार्यक्रम होते हैं। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए विवाह का मंचन किया गया। दुल्हन की भूमिका अंबिका और पंडित की भूमिका दिव्यांशु सेमवाल ने निभाइ्र। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधान पहने। आखिरी में उत्तराखंड के पारंपरिक पकवान भी परोसे गए। इस दौरान डाॅ. शिव कुमार लाल, डाॅ. नाभेंद्र सिंह गुसाईं, डाॅ. बबीता, डाॅ. समीक्षा, डाॅ. राजेश मिश्रा, रूपिन कंडारी और विनीत डिमरी आदि मौजूद रहे। संवाद