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कोविड में काम करने वाले पीआरडी कर्मियों को सेवा से हटाया

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स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना महामारी के दौरान पीआरडी और उपनल के माध्यम से नियुक्त किए कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। इससे आहत कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पुन: बहाली की मांग की। उनका कहना है कि दो साल तक विषम परिस्थिति में काम करने के बाद अब उन्हें इस तरह हटाया जाना उनके साथ छलावा है। कहा कि यदि उनकी सेवा को विस्तार नहीं दिया गया तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे और परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग से हटाए गए पीआरडी और उपनल कर्मियों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर के समय जब हर कोई बुरी तरह डरा हुआ था तब स्वास्थ्य विभाग ने उनकी नियुक्ति कोविड केयर सेंटर भराड़ीसैंण सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में की। करीब 40 युवाओं को इसमें लगाया गया। उस समय कोरोना पॉजिटिव लोगों को खाना खिलाना, वार्ड की साफ-सफाई, पॉजिटिव लोगों को जरूरी सामग्री पहुंचाने के साथ कोविड सैंपलिंग में भी उन्होंने सहयोग किया। अब जब कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य होने लगी हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने 31 मार्च को उनकी सेवा समाप्त कर दीं। अब उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या बन गई है। उन्होंने डीएम और मुख्य चिकित्साधिकारी से उनकी सेवा विस्तार करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में हरीश, धीरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, रघुवीर सिंह, किरन देवी, सुंदर कनियाल, संतोष कुमार और राकेश सिंह आदि शामिल रहे।
जिला अस्पताल से तीन महिला उपनल कर्मी हटाईं
पौड़ी। पीपीपी मोड में संचालित जिला अस्पताल प्रशासन ने तीन महिला उपनल कर्मचारियों को हटा दिया है। हटाई गई महिला कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन से सेवा बहाली की गुहार लगाई है।
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पीपीपी मोड पर संचालित जिला अस्पताल पौड़ी में उपनल के माध्यम से मुन्नी देवी, सुषमा रावत व सर्वेश्वरी देवी सेवारत थीं, जिन्हें अस्पताल प्रशासन ने हटा दिया है। हटाई गईं कर्मचारियों ने बताया कि वे 2007 से जिला अस्पताल में सैनिक कल्याण बोर्ड पौड़ी के माध्यम से तैनात थीं और मानदेय भी बोर्ड से ही मिलता था। 2016 में उन्हें उपनल में मर्ज कर दिया गया। बताया कि वह पिछले 14 वर्षों से अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं, लेकिन अचानक उनको नौकरी से हटा दिया गया है। अब परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। वहीं सीएमओ पौड़ी एवं जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल का संचालन पीपीपी मोड में चले जाने से तीनों महिलाओं कर्मियों का कार्य पीपीपी मोड के जरिए किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन को इन महिला कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होने के कारण उन्हें हटाया गया है। कर्मियों को हटाने की सूचना उपनल कार्यालय को भेज दी गई है। संवाद
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