बजट के अभाव में महिला पीआरडी जवानों को बाहर कर दिया गया है। जिला युवा कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न विभागों में कार्य कर रही 51 महिला पीआरडी जवानों को कार्यमुक्ति का आदेश थमा दिया गया है।
युवा कल्याण विभाग की ओर से महिला पीआरडी के मेहनताने के लिए जिला योजना से 12 लाख 24 हजार का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव पर कोई अमल न होने से महिला जवानों को सेवा समाप्ति का आदेश पत्र थमा दिया गया है। वर्ष 2016 के अक्तूबर माह में 250 पीआरडी जवानों को बजट के अभाव में बाहर कर दिया था। महिला पीआरडी जवानों को जून माह में प्रशिक्षण के बाद पुलिस, ट्रैफिक, तहसील और ब्लाक कार्यालयों में तैनाती दी गई थी।
एक पीआरडी जवान को प्रतिदिन चार सौ रुपये मेहनताना दिया जाता है। विभाग की ओर से 25 जनवरी तक महिला जवानों को मेहनताना दिया गया था, जबकि इससे आगे के मेहनताने के लिए जिला प्लान में 12 लाख 24 हजार का प्रस्ताव भेजा था। अब जिला प्रशासन ने बजट की कमी के चलते प्रस्ताव को वापस भेज दिया है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी गणेश थपलियाल का कहना है कि यदि जिला निर्वाचन विभाग की ओर से विधान सभा चुनाव में दोबारा पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई गई तो महिला जवानों को चुनाव तक यथावत रखा जाएगा।
इधर, पीआरडी संघ के मीडिया प्रभारी बलवंत सिंह राणा का कहना है कि पीआरडी में बेरोजगार और निर्धन परिवार के युवा और महिलाएं ही आवेदन करते हैं, लेकिन बजट की कमी का हवाला देकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।