कर्णप्रयाग। चौरासैंण और भटक्वाली गांवों में 37 साल बाद पांडव नृत्य का आयोजन होगा। बृहस्पतिवार को संक्रांति के अवसर पर ग्रामीण भटक्वाली के पांडव मंदिर परिसर में एकत्र हुए और पौष माह में इस धार्मिक अनुष्ठान को करने का निर्णय लिया। इसके लिए जल्द तारीख तय की जाएगी। इस दौरान पांडव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और देवताओं के पश्वा भी अवतरित हुए।
चौरासैंण के पुष्कर सिंह, द्वारिका प्रसाद ने बताया कि विभिन्न कारणों से यहां 37 साल तक यह आयोजन नहीं हुआ। कई बार ग्रामीणों ने प्रयास किए लेकिन एक राय नहीं बन पाई। बताया कि बीते माह गांव में पशुओं में खुरपका रोग फैला। माना जाता है कि पांडवों के दोष की वजह से खुरपका होता है। ऐसे में संक्रांति के अवसर पर महिलाएं, पुरुष और युवा भटक्वाली के पांडव मंदिर पहुंचे और पूजा कर पांडव नृत्य के आयोजन का निर्णय लिया। बैठक में द्वारिका प्रसाद नवानी, कल्याण सिंह, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष पवन सिंह, महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता देवी, ग्राम प्रधान संतोष सिंह बिष्ट, पुष्कर सिंह, देवेंद्र सिंह, कुंवर सिंह, मालगुजार लक्ष्मण सिंह मौजूद थे। संवाद