नारायणबगड़। नैणी देवी की देवरा यात्रा बृहस्पतिवार को सुनभी गांव का भ्रमण करने के बाद अपने अगले यात्रा पड़ाव कोथरा गांव पहुंची। बुधवार को सुनभी गांव में रात्रि विश्राम के दौरान नैणी देवी सेवा समिति के सांस्कृतिक दल ने लोकसंस्कृति के रंग बिखेरे। नैणी देवी के स्तुति गान से शुरू हुए कार्यक्रम में देवी के ऐरवालों ने डोंर-थाली के तालों पर गुरुनाच-डालानाच का शानदार प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार सुबह ब्रह्मगुरु विशम्भर सती ने आचार्यगणों के साथ नित्य होने वाली पूजाओं को सम्पन्न कराया। इस अवसर पर जागर गीतों से नैणी देवी का आह्वान करते हुए देवी को जागृत किया गया। इसके बाद नैणी देवी ने गाजे-बाजे के साथ गांव का भ्रमण करते हुए हर घर की पूजा स्वीकार की और ध्याणियों को आशीष वचन दिए। इस मौके पर ग्रामीणों तथा ध्याणियों ने अपनी आराध्या को शृंगार सामग्री, चुनरी, आभूषण भेंट किए।
गांव के सभी लोग नैणी देवी के जयकारे लगाते हुए नैणी देवी को विदा करने गांव की सीमा तक गए। यहां से कोथरा गांव की सीमा पर पहुंचने पर गांव के लोगों ने देवरा यात्रा पर पुष्प बरसाए। नैणी देवी के जयकारे लगाते हुए देवी को गांव में विराजमान किया। इस अवसर पर गांव की महिलाओं ने मांगल गीतों से देवरा यात्रा का स्वागत किया। शुक्रवार को देवरा यात्रा अपने अगले पड़ाव कोठुली गांव पहुंचेगी। संवाद