गोपेश्वर। चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों धान की फसल पककर तैयार हो रही है जबकि बेल वाली सब्जियां भी अच्छी मात्रा में हुई हैं। मगर दिन में बंदर और रात में लंगूर व जंगली सुअर फसलें नष्ट कर रहे हैं। ग्रामीण आतिशबाजी और थाली बजाकर जानवरों को भगा रहे हैं। ग्रामीणों ने राजस्व और वन विभाग से क्षति का आकलन कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई।
जिले के दशोली, नंदानगर, थराली, देवाल, पोखरी, पीपलकोटी, कर्णप्रयाग, गौचर, नारायणबगड़ और गैरसैंण क्षेत्र के गांवों में धान की फसल और बेल वाली सब्जियों की अच्छी पैदावार हो रखी है। निजमुला घाटी के गाड़ी गांव निवासी सुलप सिंह और नेल कुड़ाव के सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि जंगली सुअर फसलों को बरबाद कर रहे हैं साथ ही खेतों में गड्ढे भी कर रहे हैं। दिन में बंदर और लंगूर ककड़ी, मुंगरी (मक्का), बैंगन, गोभी, फ्रासबीन, लौकी आदि सब्जियों को नष्ट कर रहे हैं। संवाद