बुग्यालों में हो रहे भूस्खलन को रोकने व बुग्यालों को सुंदर बनाने के लिए वन विभाग हिमालयी गांव के लोगों के साथ अभियान के रूप में मामचा घास का रोपण कर रहा है। वन विभाग की टीम घेस की महिलाओं के साथ आठ किलोमीटर पैदल चलकर बगजी बुग्याल में मामची घास का रोपण कर संरक्षण का संकल्प लिया।
वेदनी, आली, बगजी, ब्रह्मताल, भीकलताल, आयजनटॉप आदि बुग्यालों में हर साल भूस्खलन हो रहा है। मिट्टी के कटाव से बुग्यालों का क्षेत्रफल घट रहा है। वन विभाग द्वार बुग्यालों में हो रहे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए मामचा घास का वृहद् रूप से रोपण करने की शुरूआत की है। विभाग ने बगजी बुग्याल से मामचा घास के रोपण की शुरूआत की। विभाग के साथ घेस गांव के महिला मंगल दल के 50 महिलाओं ने बुग्याल में जाकर रोपण किया। वहीं महिलाओं ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा के साथ बगजी बुग्याल में गीतों के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
डिप्टी रेंजर राजेंद्र बिष्ट, वन दरोगा गब्बर बिष्ट, गंभीर सिंह, बलवीर सिंह, प्रमोद देवराड़ी, घेस के प्रधान कलावती देवी, बीडीसी मेंबर रेखा, ममंद अध्यक्ष हिमांती देवी, सरपंच पुष्कर बिष्ट आदि द्वारा बुग्याल में पांच सौ मामचा घास की पौधे रोपी है।
रेंजर टीएस बिष्ट ने बताया कि मामचा घास की जड़े मिट्टी का कटाव को रोकती है। बगजी बुग्याल में मामचा घास के पौध लगाकर इसे एक अभियान के रूप में विभाग ने लिया है। बगजी के बाद वेदनी बुग्याल में विभाग ग्रामीणों के सहयोग से मामचा घास का रोपण कर बुग्यालों में हो रहे भूमि कटाव को रोकेगा।