झील का निरीक्षण कर लौटी एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ/गोपेश्वर। नीती घाटी के तमक गांव के समीप सेगड़ी नाले के शीर्ष भाग में चट्टान टूटने के बाद नाले में बनी झील का निरीक्षण करने के लिए गई टीम लौट आई है। टीम के सदस्यों ने फिलहाल झील से किसी भी खतरे से इन्कार किया है। टीम के सदस्यों ने बताया कि झील से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इसलिए कोई खतरा अभी नहीं है।
25 अक्तूबर की रात को सेगड़ी नाले में चट्टान टूट गई थी जिससे यहां झील बनने लगी थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी जोशीमठ तहसील प्रशासन को दी थी। झील का निरीक्षण करने के लिए 31 अक्तूबर को एसडीआरएफ, डीडीआरएफ (जनपद आपदा मोचन दल), वन और राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था और बुधवार को टीम जोशीमठ लौटी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि सेगड़ी नाले में करीब 150 मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी झील बनी है। इससे लगातार रिसाव हो रहा है इसलिए निचले क्षेत्र में खतरे की कोई बात नहीं है। वहीं भल्ला गांव के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने आशंका जताई कि बरसात में झील में पानी बढ़ सकता है, जिससे निचले क्षेत्र को खतरा हो सकता है। उन्होंने झील का अध्ययन करने की मांग उठाई।