तोलमा वन पंचायत के जंगल में रविवार को हुए भूस्खलन से देवदार के 200 से अधिक पेड़ों को नुकसान हुआ है। जिसमें कई पेड़ गिर गए हैं, जबकि अधिकांश पेड़ों की जड़ें खाली हो चुकी हैं, जिससे वह कभी भी गिर सकते हैं। सोमवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया।
रविवार सुबह तोलमा वन पंचायत के जंगल में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे जंगल को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासी प्रेम बुटोला ने बताया कि अक्तूबर में हुई भारी बारिश से जंगल में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थी। इसी के चलते रविवार को यहां भूस्खलन हुआ है। यह पूरा क्षेत्र देवदार के पेड़ों से भरा हुआ है, जिससे सबसे अधिक नुकसान देवदार के पेड़ों को ही हुआ है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिलने पर विभागीय टीम मौके पर पहुंची और भूस्खलन का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि तोलमा वन पंचायत के इस जंगलों में भूस्खलन होने से देवदार सहित अन्य प्रजाति के 200 से अधिक पेड़ों को भारी नुकसान हुआ है।