ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर गिरते बोल्डर। स्रोत जागरुक पाठक।
ज्योतिर्मठ। ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को रैणी गांव के पास भारी चट्टान टूटने से बंद हो गया है। इससे सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ही सेना और आईटीबीपी की भी आवाजाही ठप हो गई है। बीआरओ की जेसीबी मशीन मलबा हटाने में लगी है, लेकिन बोल्डर बड़े होने के चलते हाईवे सुचारू होने में समय लग रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग ज्योतिर्मठ-मलारी नीती घाटी को जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है। इस मार्ग से सीमांत घाटी नीती के लोग आवाजाही करते हैं, साथ ही सेना और आईटीबीपी के वाहन भी सीमा पर इसी मार्ग से आते-जाते हैं। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे रैली के पास भारी चट्टान टूटकर गिर गई। इससे हाईवे पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। नीती घाटी के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए आवागमन करना मुश्किल हो गया है। दरअसल यहां पर पूरा हिस्सा चट्टानी है, पत्थर के बड़े बोल्डर गिरने से उन्हें जेसीबी से हटाना संभव नहीं हैं, इसलिए पहले उन्हें मशीन से तोड़ा जा रहा है और फिर हटाया जा रहा है। इससे हाईवे को साफ करने में काफी समय लग रहा है। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह बुटोला ने बताया कि हाईवे बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बीआरओ का कहना है कि सुबह तक मार्ग से मलबा हटाकर सुचारू कर दिया जाएगा।
बीआरओ के कमांडर अंकुर महाजन ने बताया कि चट्टान का बड़ा हिस्सा टूटा है, जिसे साफ करने के लिए जेसीबी मशीन लगी है। बोल्डर बड़े होने के चलते पहले उनको तोड़ा जा रहा है। जल्द से जल्द हाईवे को सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।