बदरीनाथ धाम के कपाट बंंद करनें की प्रक्रिया शुरू होनें के दौरान लगी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत मंगलवार से पंच पूजा शुरू हो हुई। पंच पूजा के साथ पहले दिन विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शाम सात बजे गणेश मंदिर के कपाट बंद किए गए।
बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 33 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने को लेकर होने वाली पंच पूजा मंगलवार से शुरू हो गई है। मंगलवार को प्रात: गणेशजी की मूर्ति को मंदिर प्रांगण से पूजा-अर्चना के बाद बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में विराजमान किया गया। जहां तीर्थयात्रियों ने दिनभर गणेशजी के दर्शन किए। शाम सात बजे विधि-विधान के साथ गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, सतीश मैखुरी, राजेंद्र पुरोहित, केदार सिंह रावत आदि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि पंच पूजाओं के दूसरे दिन बुधवार को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद होंगे।