स्थायी राजधानी गैरसैंण के लिए आंदोलनकारी 14 सितंबर को जेल जाएंगे और जब तक गैरसैंण उत्तराखंड राज्य की स्थायी राजधानी नहीं बन जाती तब तक जेल में ही रहेंगे। यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य आंदोलनकारी प्रवीण काशी ने यह बातें कहीं।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रवीण काशी ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी है इसलिए गैरसैंण ही राज्य की स्थायी राजधानी होनी चाहिए। कहा कि उत्तराखंड राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, पहाड़ों में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य आंदोलनकारी धूमा देवी, सरोज शाह और राम उप्रेती व कृष्णा नेगी ने कहा कि हम भी गैरसैंण राजधानी के लिए आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे। इस दौरान स्थायी राजधानी संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, नंदन सिंह और कृष्णा नेगी आदि मौजूद रहे।