निर्माणाधीन गोठिण्डा टूंड्री मार्ग के मलबे से पेयजल स्रोत क्षतिग्रस्त होने से चेपड़ों गांव की दो हजार से अधिक की आबादी दस दिनों से पेयजल समस्या से जूझ रही है। चेपड़ों गांव के मजखेत, छुड़खेत, सौगांव, ढौन, सौगांव खाड़ीबगड़ सहित कई तोक की पेयजल सप्लाई ठप पड़ गई है। ऐसे में ग्रामीणों को गदेरे से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लोनिवि और जल संस्थान को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। कहा यदि तीन दिन में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो सभी ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
चेपड़ों गांव की आबादी दो हजार से अधिक है। गांव के लिए बमराड़ी के नजदीक से पानी का स्रोत है। इन दिनों यहां गोठिंडा-टुंड्री मार्ग का निर्माण हो रहा है लेकिन इस मार्ग का मलबा स्रोत के ऊपर डाल दिया गया जिससे स्रोत क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में गांव की पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। ग्राम प्रधान सीमा देवी, जिला पंचायत सदस्य देवी जोशी, क्षेपंस देवेंद्र सिंह, उपप्रधान दर्शन सिंह और ममंद अध्यक्ष मुन्नी देवी का कहना है कि ग्रामीण दस दिनों से जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अब उन्होंने जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सड़क का मलबा पानी के स्रोत पर गिरा है, जिससे स्रोत से पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। हमने एक बार मजदूरों से स्रोत साफ करवा दिया, लेकिन फिर से बारिश से स्रोत बंद हो गया है। मजदूरों से फिर से स्रोत साफ करवा दिया जाएगा। - अंकित भट्ट, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग थराली।
- हमने लोक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त चैंबर और पेयजल लाइन निर्माण के लिए इस्टीमेट भेजा है। धनराशि मिलने पर ही लाइन ठीक की जाएगी। - पंकज कुमार अवर अभियंता जल संस्थान थराली।