जयकंडी-बणसोली-ग्वाड़-कांडा-मैखुरा सड़क के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ बदरीनाथ हाईवे पर प्रदर्शन किया। मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कैलास खंडूड़ी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि बीस साल हो गए लेकिन सड़क आज भी वाहनों के चलने लायक नहीं बन पाई है। उन्होंने शीघ्र सड़क की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाई।
जयकंडी-मैखुरा (8 किमी) सड़क का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था, लेकिन आज तक सड़क का डामरीकरण नहीं हुआ, जिससे छोटे वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है। कई जगहों पर मानक के अनुसार सड़क की कटिंग भी नहीं हुई है। रविवार को ग्वाड़, जयकंडी, बणसोली, आमसौड़, लंगासू, कालेश्वर, स्वर्का, धलकाचूला, धोलीयाड़, सेरागाड़ और कांडा मैखुरा क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने लंगासू में बदरीनाथ हाईवे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद लंगासू बाजार में कैलास खंडूड़ी आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जयकंडी सड़क का निर्माण हुए बीस साल हो गए हैं, लेकिन आज भी सड़क वाहनों के चलने लायक नहीं है, जबकि देखरेख पर ही लोनिवि तीन करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से सड़क की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की थी, जिस पर डीएम ने शीघ्र सड़क का संयुक्त निरीक्षण करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा गया कि जब तक सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य नहीं हो जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान सोनी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सोबती देवी, दीपा खंडूरी, नीमा, साधना, ममता, कृष्णा, गिरीश खंडूरी, सच्चिदानंद, भोला दत्त, आत्माराम, राम प्रसाद, सौरभ, विपुल ध्यानी, विपिन, अमित, दिव्यांशु, अमित, प्रवीण, शुभम, अंकुश, प्रदीप खंडूरी, भुवन ध्यानी, पूर्व प्रधान राकेश लाल, संदीप खंडूरी, चंडी प्रसाद, शांति मैखुरी, सुनील शर्मा, संतोष, उमेश, कुलदीप मैखुरी, मनोज मैखुरी, विनोद, रमेशचंद्र सती आदि मौजूद थे।